युवती से दुष्कर्म करने के छह साल पुराने मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश ने आरोपी युवक राजकमल को मुख्य दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला आते ही पुलिस ने दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला जेल भेज दिया।
गुरसहायगंज से बहला-फुसलाकर ले गया था लखनऊ
पूरा मामला कोतवाली गुरसहायगंज के कस्बा जलालाबाद का है। पीड़ित परिवार ने 24 सितंबर 2020 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 21 सितंबर 2020 की सुबह करीब साढ़े छह बजे आरोपी राजकमल उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस मामले में राजकमल के अलावा उसके छोटे भाई और एक अन्य महिला को भी सह-आरोपी बनाया गया था।
मंदिर में फर्जी शादी कर एक महीने तक किया शोषण
अदालत में दर्ज कराए गए बयानों में पीड़िता ने पूरी आपबीती बयां की। पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजकमल उसे गुरसहायगंज से बस में बैठाकर लखनऊ ले गया था। वहां उसने एक मंदिर में ले जाकर फेरे लिए और मांग भरकर शादी की औपचारिकता पूरी कर दी। इसके बाद आरोपी ने युवती से कहा कि अब वे दोनों पति-पत्नी बन चुके हैं।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना दोषी, जुर्माना न देने पर बढ़ेगी जेल
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। हालांकि पीड़िता ने उस समय अपना आंतरिक परीक्षण कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन परिस्थितियों और गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने आरोपी राजकमल को दोषी पाया।