छिबरामऊ (कन्नौज)। फर्रुखाबाद रोड पर करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत न सुने जाने पर महिला ने सोमवार को तहसील परिसर में केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। इससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता ने महिला को शांत कराया। बाद में अवैध निर्माण ध्वस्त करा दिया गया।
मोहल्ला बिरतिया निवासी बेबी पत्नी अशोक कुमार सोमवार को तहसील पहुंच गईं। एसडीएम कार्यालय के सामने बेबी ने साथ लाई पिपिया से केरोसिन अपने ऊपर डाल लिया। इसके बाद माचिस से आग लगाने का प्रयास करने लगीं। यह देख लोगों के होश उड़ गए। बेबी को ऐसा करने से रोका गया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता को दी। एसडीएम ने कार्रवाई का भरोसा देकर बेबी को शांत कराया। महिला के कपड़े केरोसिन से भीगे होने से एसडीएम ने परिजनों से दूसरे कपड़े मंगवाकर बदलवाए।
एसडीएम, तहसीलदार ने पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पैमाइश कराई। महिला की शिकायत सही मिलने पर एसडीएम ने निर्माण रुकवा दिया। देर शाम तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने कोतवाल विनोद मिश्रा व पुलिस टीम के साथ जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
अवैध कब्जे के आरोप में कई लोगों पर मुकदमा
घटना के संबंध में मोहल्ला बिरतिया निवासी दिनेश चंद्र सक्सेना पुत्र श्रीराम सक्सेना की शिकायत पर राजीव सिंह, प्रमोद राजपूत, मो. कामरान, राजू खां, इरशाद खां, जुल्फिकार खां, वकील, फहीम खां व तीन-चार अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
व्यापारी नेता ने लगाया रंजिशन फंसाने का आरोप
गल्ला आलू व्यापारी संघ के संरक्षक राजीव सिंह गौर उर्फ पुच्ची ठाकुर ने बताया कि मेरा व पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रमोद राजपूत एडवोकेट का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है। कुछ लोगों ने रंजिश में इस प्रकरण में घसीटा है। वह व्यापारी हैं। प्रापर्टी के धंधे से उनका कोई लेना देना नहीं है।
न्यायालय के आदेश पर हो रहा था निर्माण
समाजसेवी इशहाक जमील उर्फ आशू ने बताया कि छिबरामऊ देहात की गाटा संख्या पांच में उनकी जमीन है। यह सड़क के किनारे है। विपक्षियों के विरोध के चलते न्यायालय में वाद दायर किया गया था। न्यायालय ने निर्माण में किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न न किए जाने का मेरे पक्ष में आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के अनुरूप ही कार्य कराया जा रहा था।