दीपावली पर मेड इन इंडिया पहली पसंद है। इस बार गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां मिट्टी की ही मिलेंगी। कुछ इलेक्ट्रानिक दुकानदार भी बताते हैं कि इस बार वह सीमा पर तनाव के चलते और पाकिस्तान को सपोर्ट करने के चलते चाइनीज माल ही नहीं खरीद कर लाए है।
शहरवासी भी चाइनीज मूर्तियां और लाइट के बजाय मिट्टी की बनी मूर्तियां और दीपक को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मिट्टी की बने लक्ष्मी-गणेश, राम दरबार, हनुमान, राधा कृष्ण, शंकर भगवान, विष्णु और मां दुर्गा की मूर्तियों को काफी पसंद किया जा रहा है, जो देखने में आकर्षित हैं।
सदर बाजार स्थित महालक्ष्मी पूजन सामग्री के संचालक मुरारी का कहना है कि मिट्टी से बनी मूर्तियां कलात्मकता में चाइनीज मूर्तियों से बेहतर हैं। पूजा में देवी देवताओं की मिट्टी से बनाई गई मूर्तियों की पूजा करने का विधान है, क्योंकि इन्हें शुद्ध माना जाता है। सरायमीरा में दुकानदार राजेश कुमार का कहना है कि मिट्टी की मूर्तियों की कीमत 50 रुपये से एक हजार रुपये तक है। कपड़ों का बाजार भी गर्म हो गया है। दीपावली में रेडीमेड कपड़े खरीदे जा रहे हैं।