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Kannauj News: मुआवजे की आस में शासन पर टकटकी लगाए 250 किसान

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कन्नौज। बीज शोधन की गलत दवा के चलते जनपद में 250 किसानों का 1900 बीघे जमीन में आलू नहीं उगा है। भारी नुकसान का यह मामला शासन तक पहुंचा है पर अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। 12 नवंबर को कानपुर से आई अधिकारियों की जांच टीम ने भी नुकसान की पुष्टि की है।
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सबसे पहले अमर उजाला ने दवा से एक हजार बीघा में नहीं उगा आलू शीर्षक से खबर आठ नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसमें किसानों को नुकसान होने का जिक्र था। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने रकबे का सत्यापन किया। धीरे-धीरे जिले के कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें आईं, जहां आलू बीज की गढ़ाई के 15 दिन से अधिक होने के बाद भी फसल नहीं उगी।
कृषि विभाग ने जांच के दौरान 150 हेक्टेयर रकबे में 250 किसानों का नुकसान होने की बात कही थी। हालांकि, उसके बाद यह रकबा बढ़ा है पर किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। खेत खाली न रहें, इसलिए ज्यादातर किसानों ने अपने पास से ही रुपये खर्च कर दोबारा आलू बीज की गढ़ाई कर दी है।
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जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह का कहना है कि दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का पत्र निदेशालय को भेज दिया गया है, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं आई है। लखनऊ से ही कार्रवाई होगी।
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केस एक
जुराखनपुर्वा निवासी अजीत कुमार ने बताया कि 25-30 बीघे खेतों में आलू की गढ़ाई की थी। उसमें आलू बीज शोधन के लिए दवा लगाने की वजह से फसल नहीं उगी। तीन लाख से अधिक का नुकसान हो गया पर मुआवजा नहीं मिला है। अधिकारियों ने बताया था कि इसके लिए केस करना पड़ेगा।
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रामसिंह उर्फ रामू निवासी इस्वापुर का कहना है कि 70 बीघे जमीन में आलू नहीं उगा। अधिकारी जांच भी कर ले गए लेकिन आर्थिक मदद नहीं मिली है। छह लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिया। खेत खाली न रहें, इसलिए दोबारा आलू की गढ़ाई कर दी है। किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।
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12 नवंबर को इन अधिकारियों ने की थी जांच
यूपी के कृषि निदेशक विवेक सिंह ने कन्नौज में हुए आलू बीज के नुकसान का कारण और आकलन करने के लिए संयुक्त कृषि निदेशक कानपुर मंडल महेंद्र सिंह, चंद्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय कानपुर से वैज्ञानिक डॉ. विश्वास, डीडी कृषि जीसी कटियार, जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह और डीएचओ सीपी अवस्थी की जांच टीम गठित की थी। टीम ने जांच के बाद जो रिपोर्ट निदेशालय भेजी है, उसमें धनस्टिन कृषि दवा को गलत ठहराया गया है। साथ ही दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
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दवा कंपनी के खिलाफ नहीं आया कार्रवाई का पत्र
जांच टीम ने तो मेरठ एग्रो कंपनी की धनस्टिन कृषि दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर निदेशक को भेज दी लेकिन निदेशालय की ओर से अब तक क्या कार्रवाई हुई, इस बाबत जिले में कोई पत्र नहीं आया है।
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