एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर सूखती मक्का।
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कन्नौज। जायद सीजन की मक्का लॉकडाउन की भेंट चढ़ गई। पिछले साल की तुलना में किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल घाटा है। जिले की मक्का की महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान में खूब मांग रहती है। लॉकडाउन से व्यापारी जिले में नहीं आ रहे हैं। इससे भाव उछाल नहीं ले रहे।
जिले में जायद की सीजन में किसान आलू से ज्यादा मक्का करते हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में 38 हजार हेक्टेयर में जायद मक्का की बुआई की गई है। तकरीबन 19 लाख क्विंटल पैदावार हुई। पिछले साल बाजार में मक्का की कीमत 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल थी। किसानों को खासा मुनाफा हुआ था। इस बार लॉकडाउन से बेकदरी है। भाव एक हजार रुपये प्रति क्विंटल हैं। इससे किसान मक्का को मंडी नहीं ले जा रहे हैं। किसान राम किशोर के मुताबिक इस सीजन की मक्का को ज्यादा दिन तक रोका नहीं जा सकता है। घुन लग जाता है। चूहे भी नुकसान करते हैं। पिछले साल सीजन की शुरुआत में भाव 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल थे। बाद में कीमत 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई थी।
पोल्ट्री फार्म बंद होने से पड़ा असर
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार का कहना है कि कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा असर पोल्ट्री फार्म पर पड़ा है। मुर्गी पालन का धंधा बंद हो गया। जायद सीजन की मक्का की अधिक खपत इन पोल्ट्री फार्म में होती थी। इनके बंद होने से भाव नीचे आ गया।
जायद की मक्का से तैयार होते हैं कई उत्पाद
जायद की मक्का से कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं। बिस्कुट, बच्चों के खाने के व्यंजन, बीयर समेत कई उत्पादों में प्रयोग किया जाता है। लॉकडाउन में यह सभी फैक्टरी बंद हो गईं। इससे भाव ऊपर नहीं पहुंचे।