प्रशासन इन दिनों ने प्रदेश के सीएम की ओर से शुरू की
गई जल संचय योजना पर पूरा फोकस किए हुए है। वर्ष 15-16 के लिए डा.
राममनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना के तहत चयनित 22 ग्रामों को तालाबों के
जीर्णोद्धार के लिए चुना गया है।
हालांकि, इसमें पांच तालाब ऐसे हैं, जो
कि पहले से संतृप्त है। 13 ग्रामों में तालाबों का जीर्णोद्धार कराया
जाएगा। डीसी मनरेगा इंद्रपाल यादव ने जीर्णोद्धार की रूपरेखा तैयार कर ली
है। बीडीओ को मनरेगा से कार्य कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो
कि जिले का वाटर लेबिल प्रतिवर्ष गिरता जा रहा है।
इससे क्षेत्र के किसानों
को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ष दर्जनों की संख्या
में बोरिंग फेल हो जाती है। कुछ माह पहले मुख्यमंत्री की ओर से जल संचय
योजना शुरू की गई थी। जिसको प्रशासन अमली जामा पहना रहा है। काफी मात्रा
में तालाब खुदवाए गए हैं।
मनरेगा योजना से तालाबों का जीर्णोद्धार कराने
की रणनीति बनाई गई है। सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि लोहिया ग्रामों को
चुना गया है। इससे अधिकारियों को एक बड़ा फायदा होगा कि श्रमिकों को काम
मिल सकेगा। मनरेगा योजना में नए कामों को लेकर काफी दिक्कतें आ रही हैं।
इससे कंटेजेंसी की समस्या काफी हद तक दूर होगी। महिलाओं को घर बैठे काम मिल
सकेगा। सीडीओ ने निर्देश दिए कि मनरेगा योजना में महिलाओं की भागीदारी पर
विशेष फोकस किया जाए।