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टिड्डियों के झुंड ने दी छह गांवों में दस्तक, किसानों में दहशत

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खेत में टिड्डी को देखते विषय वस्तु विशेषज्ञ सिपाहीलाल। - फोटो : CHIBRAMAU
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टिड्डी दल ने इटावा व आसपास के जनपदों में फसलों में तबाही मचाने के बाद कन्नौज व मैनपुरी जनपद की सीमा पर बसे छह गांवों में रविवार शाम दस्तक दी।
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किसानों ने थाली, डिब्बे, ड्रम बजाने के साथ खाली पड़े खेतों में आग जलाकर भगाने का प्रयास किया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर किसानों को बचाव के तरीके बताए। कीटनाशक दवाओं का वितरण भी किया गया।
इटावा जनपद की ओर से आए टिड्डी दल ने रविवार शाम तहसील क्षेत्र के गांव बैरागपुर, मनिकापुर, रकरा, मिघौली, मिघौला व मटेहना में धावा बोला। खेतों के ऊपर टिड्डियों को उड़ता देख किसानों की धड़कनें बढ़ गईं।
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किसान परिवार समेत थाली, खाली डिब्बे और पटाखे लेकर खेतों में पहुंच गए। यह शोर करने लगे। प्रधान रामेंद्र सिंह यादव फौजी ने टिड्डी दल के आने की सूचना एसडीएम गौरव शुक्ला को दी।
एसडीएम गौरव शुक्ला, जिला कृषि रक्षा इकाई के विषय वस्तु विशेषज्ञ सिपाहीलाल, एडीओ कृषि राकेश यादव, रत्नेश दुबे व सहवीर सिंह कर्मचारियों के साथ गांव पहुंचे। रात भर खेतों में आग जलवाकर धुआं करवाया गया।
उप कृषि निदेशक रामनारायन सिंह, जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह भी मौके पर पहुंचे। खेतों में छिड़काव के लिए किसानों को कीटनाशक दवाएं दी गईं।
सोमवार दोपहर तक इन इलाकों में टिड्डियां खेतों पर मंडरा रही थीं। बड़ी तादाद में टिड्डियां धूप से बचने के लिए पेड़ों में छिप कर बैठ गई थीं।
टिड्डी दल आने की सूचना पर प्रशासन सतर्क हो गया। प्रभावित इलाकों में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए दमकल की चार गाड़ियां बुलवा ली गईं।
टिड्डियों के कई झुंडों में बंट जाने से दमकल की गाड़ियां काम नहीं आ सकीं। खेतों तक न पहुंच पाने से गाड़ियां बगैर छिड़काव के लौट आईं।
खेतों तक दमकल की गाड़ियां न पहुंचने पर जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह ने स्प्रे मशीन रखने वाले किसानों को बुलाकर क्लोरोपाइरीफॉस व लेम्बडा साइपर हैलोप्रिन दवा का वितरण किया। किसानों का आरोप है कि जिनके पास मशीनें नहीं थीं, कृषि विभाग ने उन्हें दवा नहीं दी।
किसानों ने सजगता से टिड्डी के हमले से फसल बचा ली। यह टिड्डी के हमले की आशंका से पहले से सतर्क थे। मिघौली के मजरा छछौनापुर निवासी दिनेश पुत्र अनोखेलाल ने बताया कि रविवार को टिड्डियों को आसमान में मंडराता देख खेतों की ओर दौड़ पड़े।
टिड्डी के खेतों में बैठने से पहले आसपास के किसानों के साथ थाली, डिब्बे, ड्रम बजा व पटाखे चलाकर तितर-बितर कर दिया। मक्के के पौधों को थोड़ा नुकसान पहुंचा। वीरेंद्र पुत्र मुंशीलाल ने बताया कि लॉकडाउन ने किसानों की पहले से कमर तोड़ रखी है।
टिड्डी दल के हमले से फसलों को बचाने के लिए किसान पूरी रात जागकर रखवाली कर रहे हैं।
किसान शैलेंद्र सिंह, रामसेवक, रामेशन सिंह, छोटे भइया, आनंद कुमार, वीरे सिंह, सुरेंद्र सिंह यादव, नरेंद्र सिंह, भारत सिंह यादव, अनूप कुमार ने बताया कि फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है।
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छछौनापुर के किसान अशोक कुमार, सुखपाल सिंह, बबलू यादव, श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि इस समय खेतों में मक्का, मूंगफली की फसलें हैं।
रोपाई के लिए धान की बुआई की है। इलाके में नीलगाय का भी आतंक है। इनके झुंड खेतों में धावा बोलकर फसलों को नष्ट कर देते हैं। नीलगायों से फसलों की दिन और रात रखवाली करनी पड़ रही है।
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