जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म में असफल रहने पर किशोरी की हत्या करने वाले दो सगे भाइयों समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि से 40 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश किया है।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि घटना 22 अक्तूबर 2010 की है। तालग्राम थानाक्षेत्र के गांव अंधौआ निवासी जियालाल की 14 वर्षीय नातिन खेत पर ढेंचा की फसल काटने गयी थी। तभी पड़ोस के गांव मधईनगला निवासी मानसिंह पुत्र अहिबरन, टिंकू उर्फ प्रवीण कुमार व निर्बल कांत पुत्रगण पातीराम ने बुरी नियत से उसे दबोच लिया। विरोध करने पर अभियुक्तों ने मारपीट शुरू कर दी।
चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके की ओर दौड़े तो आरोपियों ने दरांती (हंसिये) से किशोरी की गरदन पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। मृतका के नाना जियालाल ने तालग्राम थाने में अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
तत्कालीन थानाध्यक्ष रामश्याम मिश्रा ने मामले की विवेचना कर अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सोमवार को न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर मानसिंह, टिंकू उर्फ प्रवीण कुमार व निर्बल कांत को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।