कन्नौज। जमीन के विवाद में 21 साल पहले हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने सजा सुनाते हुए जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा काटने के बात कही है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि रमेश पाल ने 23 जुलाई 2002 को सौरिख थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि रात के समय उसके ताऊ मलिखान अपने परिवार के साथ छत पर सोए थे। रात करीब साढ़े 12 बजे पड़ोस गांव के रहने वाले सुदेश पुत्र मंगूलाल ने अपने भाई संतोष के साथ मिलकर जमीनी रंजिश में ताऊ की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की। पुलिस ने सुदेश की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए तमंचा को बरामद किया। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सोमवार को गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर जिला जज ने सुदेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।