तिर्वा। पुत्र की मौत के तेरहवीं संस्कार के बीच तेज आंधी के दौरान दीवार गिरने से उसके मलबे मेंं दबकर बुजुर्ग घायल हो गया। परिजनों व ग्रामीणों ने गंभीर हालत में उसे मेडिकल कालेज मेंं भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुत्र की तेरहवीं संस्कार में पिता की मौत होने से परिजनों में कोहराम मचा है।
थाना इंदरगढ के परसपुर गांव निवासी रामबहादुर (80) के पुत्र संतोष की 13 दिन पूर्व हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। सोमवार को उसकी तेहरवीं संस्कार कार्यक्रम का आयोजन था। बुजुर्ग राम बहादुर परिजनों के साथ कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे थे।
दोपहर में भीषण गर्मी के दौरान अचानक मौसम बदल गया ओर तेज आंधी के साथ बुंदाबांदी होने लगी। तेज हवाओं के चलते बुजुर्ग राम बहादुर पड़ोस के बने मकान की दीवार के सहारे बैठ गए। अचानक तेज आंधी के दौरान दीवार गिर पड़ी। दीवार गिरने से वह मलबे में दब गए। ग्रामीणों व परिजनों ने मलबे से बाहर निकाल कर इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहसीलदार नवनीता राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कराकर परिजनों को शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।