कन्नौज। आठ सूत्री लंबित मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने सरकार के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया है। आठ अक्तूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करने के बाद संघ ने 17 अक्तूबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल कर काम ठप करने का ऐलान किया है। इससे तहसील स्तर की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
लेखपालों के कार्य बहिष्कार का सबसे अधिक असर आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने पर पड़ रहा है। लेखपाल की रिपोर्ट न लगने से जिले की तीनों तहसीलों सदर, छिबरामऊ और तिर्वा में 8000 से अधिक प्रमाण पत्रों से संबंधित प्रकरण लंबित पड़े हैं। प्रमाण पत्र न बनने से छात्रों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में छात्रवृत्ति आवेदन, स्कूल-कॉलेज में प्रवेश, किसान सम्मान निधि, जाति सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन नहीं हाे पा रहे हैं।
लेखपालों के बहिष्कार के चलते रिपोर्ट ऑनलाइन नहीं लग पा रही है जिससे फाइलें तहसीलों में अटकी हुई हैं। रोजाना तहसील परिसर में सैकड़ों लोग प्रमाण पत्रों के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है। 10 साल से लेखपाल संघ की पदोन्नति, वेतन विसंगति, संसाधन की कमी, अतिरिक्त कार्यभार कम करने सहित आठ प्रमुख मांगें लंबित हैं। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी सुनवाई न होने पर यह कदम उठाना पड़ा है। इस अवसर तहसील मंत्री विशाल चौरसिया, जिलामंत्री अभिषेक द्विवेदी, जिलाध्यक्ष अखिलेश, निखिल, रामाधार, सुशील दीक्षित, देवेंद्र कुशवाहा, रितु, आकांक्षा अस्ति, शिखा हेमलता आदि लेखपाल मौजूद रहे।
तहसील सदर लेखपाल संघ के अध्यक्ष शुभम मिश्रा का कहना है कि गुरुवार से ऑनलाइन काम बंद कर दिया गया है। यदि लेखपालों की लंबित मांगें नहीं मानी गईं तो 17 अक्टूबर से प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। तहसीलदार सदर अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि छात्रोें व अन्य जरूरी लोगों के ऑनलाइन कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि आम जनता को दिक्कत न हो। कानूनगो और अन्य कर्मचारियों की मदद से प्रमाण पत्र जारी कराए जाएंगे।
लेखपालों के ऐलान से जिला प्रशासन में खलबली
लेखपालों की हड़ताल के ऐलान से जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। यदि हड़ताल जारी रही तो प्रमाण पत्रों के अलावा खतौनी, पैमाइश, दाखिल-खारिज और आपदा संबंधी कार्यों पर भी असर पड़ेगा। हड़ताल से आम जनता को और अधिक दिक्कतें होंगी।