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Kannauj News: 29 व 30 जून को वकील न्यायिक कार्य से रहेंगे विरत

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कन्नौज। ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित नई व्यवस्था के विरोध में जिले के राजस्व अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। शनिवार को संयुक्त जिला राजस्व अधिवक्ता मंच की बैठक में अधिवक्ताओं ने एकमत से विरोध करते हुए 29 और 30 जून को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था तहसील परिसर से बाहर जनसेवा केंद्रों और अन्य कार्यालयों में लागू होने पर दस्तावेजों के लेखन और पंजीकरण में त्रुटियों की संभावना बढ़ जाएगी। इससे आम लोगों को आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि नई व्यवस्था लागू होने पर तहसील परिसर में वर्षों से कार्य कर रहे स्टाम्प विक्रेता, बैनामा लेखक, फोटो कॉपी संचालक और दस्तावेज लेखन से जुड़े अन्य लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि प्रदेश भर की तहसीलों में लगातार विरोध और आंदोलन के बावजूद सरकार ने अब तक प्रस्तावित व्यवस्था को वापस नहीं लिया है। इससे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों में रोष व्याप्त है। उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि व्यवस्था वापस न होने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जारी रखा जाएगा। स्टाम्प विक्रेताओं ने भी आंदोलन के समर्थन में इन दो दिनों तक स्टाम्प विक्रय न करने का निर्णय लिया है।
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अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 30 जून तक सरकार ने प्रस्तावित व्यवस्था वापस नहीं ली, तो उसी दिन पुनः बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। प्रस्ताव की प्रतियां न्यायालयों, उप निबंधक कार्यालय और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। बैठक में अधिवक्ता हीरालाल, केसी शर्मा, मनोज पांडेय, शरद मिश्रा, शकील अहमद, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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