सदर तहसील के अधिवक्ताओं ने बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम कोर्ट के बाहर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। एसडीएम सदर पर शोषण का आरोप लगाकर उनके स्थानांतरण को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उधर एसडीएम ने अधिवक्ताओं के आरोप को बेबुनियाद करार दिया।
लॉयर्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष केसी शर्मा, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कटियार की अगुवाई में दर्जनों अधिवक्ता सदर तहसील स्थित एसडीएम न्यायालय के सामने धरने पर बैठ गए।
इस दौरान एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ता रामदेव शुक्ला ने कहा कि एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला जनता का शोषण कर रहे हैं।
न्यायिक कार्य के दौरान काफी अनियमितताएं व भ्रष्टाचार हो रहा है। इसीलिए करीब एक माह से उनके न्यायालय से अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं। अजय यादव ने कहा कि प्रशासन जनसमस्याओं का निस्तारण सही ढंग से नहीं करता है। अधिवक्ता हितों की अनदेखी की जा रही है।
शिवओेम दुबे का कहना है कि सदर तहसील के 16 गांव चकबंदी अभिक्रियाओं के अंतर्गत आ गए हैं। इनसे संबंधित अभिलेख संबंधित चकबंदी लेखपालों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। लेकिन अभी तक सभी चकबंदी लेखपाल व चकबंदी कर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में ही बैठ रहे हैं।
इसके चलते वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं द्वारा कई बार मांग उठाने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मौके पर अजय श्रीवास्तव, कांशीराम, राजीव श्रीवास्तव, विपिन सक्सेना, नाजिम अख्तर, रामबाबू राठौर, यादवेंद्र सिंह, सुरेशचंद्र द्विवेदी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।