छिबरामऊ (कन्नौज)। धरनीधरपुर नगरिया के हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ के खिलाफ प्रशासन धीरे-धीरे शिकंजा कसता जा रहा है। उसके परिजनों के कब्जे से धोबीघाट की जमीन को कब्जा मुक्त कराकर उस पर खड़ी फसल को जोत दिया गया।
सोमवार को नायब तहसीलदार भारत कुमार मौर्य के नेतृत्व में राजस्व टीम ने धरनीधरपुर नगरिया के धोबी घाट की जमीन की पैमाइश की। राजस्व अभिलेखों में 22 डिसमिल जमीन पर धोबीघाट की जमीन दर्ज है, परंतु मौके पर 15 डिसमिल ही मिली। प्रशासन ने सात डिसमिल जमीन को जोतकर गांव प्रधान के सुपुर्द कर दी। नायब तहसीलदार ने बताया कि धोबी घाट की जमीन को हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ के चचेरे भाई सुशील यादव व कुलदीप यादव पुत्र सुरेंद्र सिंह जोते हुए थे। राजस्व टीम में शामिल कानूनगो रामेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल राजदीप सक्सेना, गजेंद्र सिंह व प्रीतम सिंह ने गाटा संख्या 324/998 का सीमांकन कराकर जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया गया है।
मुनुआ के नाम सात बीघा सात डिसमिल जमीन
राजस्व प्रशासन अशोक यादव उर्फ मुनुआ की संपती के बारे में जानकारी करने में जुटा है। राजस्व रिकार्ड में उसके पास सात बीघा सात डिसमिल जमीन पैतृक निकली है। इतनी ही जमीन इसके भाई की थी, उस पर भी मुनुआ कब्जा किए हुए है।