पोस्टमार्टम हाउस में एंबुलेंस से शव ले जाते परिजन।
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कन्नौज। दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में काम करने के दौरान तीनों की दोस्ती हो गई। गुरुवार तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में एक साथ जान चली गई। तीनों मृतकों में दो युवती व एक युवक है। यह लखनऊ, हमीरपुर व बिहार प्रांत के रहने वाले हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन शव ले गए हैं।
लखनऊ के फूलबाग कालोनी निवासी फराह खान (26) पुत्री पप्पू खान, हमीरपुर के थाना राठ अंतर्गत सागर तालाब निवासी सपना श्रीवास (20) पुत्री परशुराम व बिहार के बेगू सराय स्थित नाव कोठी निवासी हरिश्चंद्र पंडित (27) पुत्र जगदंबा पंडित दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में काम करते थे। काम के दौरान तीनों की दोस्ती हो गई। तीनों दोस्त कार से लखनऊ घूमने आ रहे थे। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के फगुहा भट्ठा के निकट तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें तीनों दोस्तों की मौके पर मौत हो गई।
मृतक फराह खान के भाई सलमान ने बताया कि बहन फराह खान ने ढाई माह पहले दिल्ली में नौकरी शुरू की थी। उसका 26 जनवरी का ट्रेन से रिजर्वेंशन था। घर आने की कोई जानकारी नहीं थी। गुरुवार सुबह हादसे की जानकारी मिलने पर वह चौंक गए। फराह की मौत से भाई सलमान समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इसके अलावा मृतक सपना व हरिश्चंद्र पंडित के परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे।
दो भाइयों में अकेली थी सपना
सपना के भाई रोहित ने बताया कि वह दो भाई हैं। बहन इकलौती थी। सपना पढ़ने में होशियार थी। बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी में नौकरी मिल गई थी। रोहित ने बताया कि सपना ने लखनऊ आने की कोई सूचना नहीं दी थी। हादसे से सब लोग चौंक गए।
12 बजे हुई थी बात
मृतक हरिश्चंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि भाई से बुधवार रात 12 बजे फोन पर बात हुई थी। उसने लखनऊ आने के बारे में कुछ भी नहीं बताया था। सुबह नौ बजे हादसे की सूचना मिली तो चीख-पुकार मच गई।