जलालपुर पनवारा(कन्नौज)। जलालाबाद ब्लॉक के अटारा गांव में बनाए गए क्वारंटीन वार्ड में रह रहे लोगों को दो दिन से खाना नहीं मिला। इन्होंने घरों से खाना मंगाकर खाया। बिस्तर की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने दो चटाई उपलब्ध कराई हैं। सामाजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। अव्यवस्था से परेशान लोगों ने मंगलवार को हंगामा किया। जानकारी पर पहुंचे परियोजना निदेशक रामचंद्र शर्मा के सामने भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की। इन्होंने जिम्मेदार लोगों की शिकायत की। खाना न मिलने से सात लोग सोमवार शाम को भाग गए।
गदनपुर ठठिया तथा अटारा निस्प ग्राम पंचायतों में दूसरे प्रदेशों से आए लोगों के लिए प्राथमिक विद्यालय अटारा में क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है। यहां शनिवार और रविवार को 41 लोगों को रखा गया था। आठ लोगों को बुखार और अन्य समस्या होने पर मेडिकल कालेज तिर्वा भेज दिया गया। इसके बाद 33 लोग सोमवार शाम तक थे। रात तक खाने की व्यवस्था न हो पाने से सात लोग क्वारंटीन वार्ड से भाग गए।
मंगलवार को वार्ड का जायजा लिया गया तो हर तरफ अव्यवस्था मिली। वार्ड में बिस्तर नहीं थे। सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा था। सभी लोग पास-पास बैठे थे। प्रधान ने अपनी समस्याएं बताते हुए आरोपों को निराधार बताया। परियोजना निदेशक ने बताया कि लोगों को शांत कराकर भोजन उपलब्ध कराया गया है। भोजन क्यों उपलब्ध नहीं हुआ, इसकी प्रधानों से जानकारी की जाएगी।
पिता बोला, भूख से तड़प रही हैं बेटियां
इलाके की सरला देवी ने बताया कि वह भांजे की मौत पर दिल्ली गई थीं। वह रविवार को वापस आईं। परिजनों ने घर में घुसने से रोक दिया था। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वह रविवार को जयपुर से आए थे। प्रधान ने कहा कि क्वारंटीन वार्ड में रहो, नहीं तो पुलिस में शिकायत करेंगे। इससे यहीं रुक गया। खाने पीने की व्यवस्था नहीं हुई है। खाना न मिलने से सात लोग सोमवार रात यहां से भाग गए। पत्नी व बच्चों सहित राजस्थान से लौटे सनोज सक्सेना ने बताया कि वह सोमवार को आए हैं। अभी तक उन्हें और पत्नी को कुछ भी खाने को नहीं मिला है। दो छोटी-छोटी पुत्रियां हैं। इन्हें खिलाने के लिए भी इंतजाम किया गया। दोनों भूख से तड़प रही हैं। प्रधान से कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि यहां आए ही क्यों? दिल्ली से आए रामभजन बाथम ने बताया कि दो दिन से खाने को नहीं मिला है। प्रधान से आटे के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि केवल चावल मिल सकते हैं। और कुछ नहीं मिलेगा। अब मीडिया वालों को देखकर थोड़े चावल पकाने के लिए भेज दिए हैं।
प्रधान बोले, चावल भेजे थे, खाने से मना कर दिया
गदनपुर ठठिया के ग्राम प्रधान राजकुमार ने बताया कि ये लोग बिस्तर के साथ दूध भी मांग रहे थे। तब इनसे कहा कि पड़ोस में स्थित अपने-अपने घरों से मंगवाओ। मिडडे मील का आटा स्कूल में मौजूद नहीं था। इनसे चावल लेने के लिए कहा। सबने मना कर दिया। यह लोग रात में अपने लिए सुरक्षा भी मांग रहे हैं। मैं कहां तक इनकी इच्छाओं को पूरा करूं। वहीं अटारा निस्प तिर्वा की प्रधान सावित्री देवी ने बताया कि यह लोग-अलग अलग दिनों में आए हैं। आटा मौजूद नहीं था। छोटे बच्चों के लिए दूध व महिलाओं व पुरुषों के पकाने के लिए चावल भेजे थे। इन्होंने चावल खाने से मना कर दिया। यह लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं।