जलालाबाद बीआरसी पर मूल्यांकन कार्य का विरोध करते शिक्षक।
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कन्नौज। कोरोना के खौफ का असर परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन पर पड़ा है। बुधवार को जलालाबाद बीआरसी में कक्षा तीन से आठ तक की कापियों का मूल्यांकन करने पहुंचे शिक्षकों को मास्क, सैनिटाइजर और साबुन नहीं मिला तो उन्होंने मूल्यांकन से हाथ खड़े कर दिए। शिक्षकों ने कहा कि पूरे प्रदेश में सामूहिक रूप से होने वाले कार्यों पर रोक है, वहीं बीआरसी में मूल्यांकन कराया जा रहा है। इसे लेकर बीईओ से नोकझोंक भी हुई। आखिर में शिक्षक मूल्यांकन के लिए कापियां घर लेकर चले गए। उधर, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने इंटर और हाईस्कूल के मूल्यांकन कार्य पर दो अप्रैल तक रोक लगा दी है।
जलालाबाद ब्लाक संसाधन केंद्र पर बुधवार को शिक्षकों को लर्निंग आउट कम परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन के लिए बीआरसी पर बुलाया गया था। 98 स्कूलों के 50 शिक्षकों को सुबह नौ बजे से कापियां जांचनी थीं। केंद्र पर मास्क, सैनिटाइजर और साबुन उपलब्ध न होने पर शिक्षकों ने मूल्यांकन से मना कर दिया। इन्होंने बचाव की चीजें उपलब्ध कराने की मांग कर दी। इसके बाद ही कापियां जांचने के लिए कहा। इनके उपलब्ध न होने पर शिक्षकों ने घर में कापियां जांचने की मांग की। बीईओ ओपी वर्मा बीआरसी परिसर में ही कापी जांचने का दबाव बनाने लगे। इसको लेकर बीईओ से शिक्षकों की नोकझोंक भी हुई।
आरोप है कि बीईओ के दबाव बनाने पर कुछ शिक्षकों ने मूल्यांकन शुरू कर दिया लेकिन कुछ देर बाद विरोध पर उतर आए। इस पर बीईओ ओपी वर्मा ने कापियां घर ले जाने के आदेश दिए। शिक्षक अजय पाठक, प्रमोद यादव, विनय यादव, कैलाश नाथ, सुनील वर्मा आदि का कहना है कि जिले में केवल जलालाबाद बीआरसी पर ही कापियों के मूल्यांकन के निर्देश हैं। कोरोना से बचाव के लिए केंद्र पर न तो मास्क हैं और न ही सैनिटाइजर व साबुन की व्यवस्था है। सभी शिक्षकों को एक साथ बैठाकर काम कराया जा रहा है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी ओपी वर्मा का कहना है कि कापियों की फीडिंग का काम 20 मार्च तक होना है। मूल्यांकन के लिए बीटीसी प्रशिक्षुओं को लगाया गया था। उनके न आने पर शिक्षकों को बुलाया गया। शिक्षकों को घर पर कापी जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
इंटर और हाईस्कूल के मूल्यांकन कार्य पर लगी रोक
कोरोना वायरस के चलते प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन कार्य पर दो अप्रैल तक रोक लगा दी है। जिले में एसबीएस कालेज और केके इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। एसबीएस इंटर कालेज में बोर्ड से 109 प्रधान परीक्षकों और 1097 सहायक परीक्षकों को नियुक्त किया गया था। सभी ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। एसबीएस में हाईस्कूल के 10 विषयों की कापियों का मूल्यांकन हो रहा है। केके इंटर कालेज में 65 प्रधान परीक्षकों और 585 सहायक परीक्षकों को लगाया गया है। यहां इंटरमीडिएट के 22 विषयों की कापियां जांची जा रही हैं। मूल्यांकन कार्य दो अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है। मूल्यांकन कार्य में देरी से इस बार बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में 10 से 15 दिन विलंब हो सकता है।