शहर की एक दुकान पर सजी सब्जियां।
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कन्नौज। कोरोना का कहर जारी है। इस महामारी से बचने के लिए लोग हर उस चीज से दूरी बना रहे जो चपेट में ले सकती है। इसी में चिकन भी शामिल है। इससे लोगों ने दूरी बना ली है। बाहर से डिमांड आना बंद होने से पोल्ट्री फार्म संचालकों की हालत खस्ता हो गई है। मांग घटने से चिकन के दाम औंधे मुंह जमीन पर आ गए हैं। 140 से 150 रुपये किलो तक बिकने वाला चिकन अब 60 रुपये पहुंच गया। थोक में इसके दाम घटकर 35 से 40 रुपये किलो हो गए हैं। चिकन से महंगे दामों पर अब घुइयां (अरबी) बिक रही है। शुक्रवार को इसके दाम 80 रुपये किलो रहे। चिकन के दाम के बराबर भिंडी और तोरई बिक रही है।
चिकन की मांग घटने का असर लहसुन और प्याज पर भी पड़ा है। करीब एक माह पहले तक 200 रुपये किलो तक बिकने वाला लहसुन 80 रुपये पर पहुंच गया है। प्याज के दाम 30 रुपये किलो है। मानीमऊ में चिकन विक्रेता हनीफ, खुर्शीद, रानू और शानू बताते हैं कि करीब एक-डेढ़ माह से चिकन की बिक्री पर ज्यादा असर पड़ा है। पोल्ट्री फार्म से चिकन बाहरी बाजारों में जाना लगभग बंद हो गया है। यही कारण है कि अब इसे आसपास खासतौर से ग्रामीण बाजारों में ज्यादा खपाया जा रहा है। कभी वह लोग रोजाना औसतन 70 से 80 मुर्गा बेचते थे। अब इसमें कमी आई है। मांग घटने का सीधा असर इसके दाम पर पड़ा है। करीब एक माह पहले तक 140 से 150 रुपये किलो तक बिकने वाला चिकन घटकर 60 रुपये किलो पर आ गया है। थोक बाजार में तो यह 35 से 40 रुपये किलो में बिक रहा है।
सब्जी की ओर बढ़ा रुझान
चिकन के शौकीन लोग कोरोना के भय से इससे दूरी बनाकर सब्जी की ओर बढ़े हैं। जानकार बताते हैं कि सब्जी के दामों में इजाफा होने का एक कारण यह भी हो सकता है। लहसुन और प्याज को छोड़कर हर सब्जी के दाम में बढ़ोतरी हुई है। लहसुन और प्याज के दामों में गिरावट का एक कारण चिकन भी है। इसमें यह अच्छी मात्रा में इस्तेमाल होता है। यह अब नहीं हो पा रहा है। इससे लहसुन और प्याज की मांग भी घटी है। इसका असर दामों पर दिख रहा है।
सब्जियों के आज के भाव (प्रति किलो)
घुइयां: 80 रुपये
भिंडी: 60 रुपये
तोरई: 60 रुपये
कटहल: 40 से 50 रुपये
शिमला मिर्च: 50 रुपये
लहसुन: 80 रुपये
प्याज: 30 रुपये
हरी मिर्च: 80 रुपये
धनिया: 60 रुपये
आलू: 20 रुपये