कोहरे से प्रभावित सरसों की फसल।
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तालग्राम(कन्नौज)। कई दिनों से सुबह व शाम कोहरा हो रहा है। इससे आमजन परेशान हैं। वहीं सरसों व मटर की फसल प्रभावित हो रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने फसल को नुकसान से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर खेतों में नमी बनाए रखने की नसीहत दी है।
किसान प्रदीप, कुलदीप, ओमशंकर, श्रीकृष्ण, रघुवीर, संजय का कहना है कि कोहरे की धुंध छा रही है। इससे फूल रही सरसों, चना, मटर, मसूर, अरहर की फसलें प्रभावित हो रही हैं। फसलों में माहू कीट के साथ रतुआ रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। कुछ खेतों में रोग दिखाई देने लगा है। मटर की फसल में फंफूदी लगने लगी है। पछुआ हवाओं से पाला के आसार हैं। इससे अरहर की फसल तबाह हो सकती है। उखटा रोग शुरू हो गया है। इस हालत में पैदावार कम होने की उम्मीद है।
अनौगी कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीके कनौजिया का कहना है कि फसलों की हल्की सिंचाई कर खेत में नमी बनाए रखें। शाम के समय फसलों के आसपास धुआं करें। इससे कोहरे व पाले का असर नहीं होगा। फसलों की निगरानी करते रहें। फूलों से लदे पौधों के पत्तों पर व्हाइट रस्ट दिखाई दे तो समझ लें कि रतुआ रोग व माहू कीट लग रहा है। क्लोरथालोनील दवा का एक ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। फफूंदी नाशकों के स्प्रे से फसलों को बचाया जा सकता है।