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Kannauj News: 10.55 लाख रुपये खर्च पर किचन गार्डन विकसित नहीं

Sun, 23 Mar 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील में ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिले। इसके लिए शासन ने किचन गार्डन योजना संचालित की है। इसके लिए जिले के 211 विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने के लिए 10.55 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। अधिकांश विद्यालयों में धनराशि खर्च हो गई और किचन गार्डन विकसित नहीं हो सके हैं। ऐसे में बच्चे कैसे सेहतमंद होंगे।
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जिले में 1459 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 211 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों को वर्ष 2024-25 में किचन गार्डन विकसित किया जाने के निर्देश दिए गए थे। प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि दी गई थी। इसके माध्यम से सब्जियां, फल व फूल उगाए जाने थे। विद्यार्थियों को इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया जाएगा। शिक्षकों की देखरेख में विद्यार्थी बागवानी सीखेंगे। पाठशाला का माहौल भी बेहतर होगा, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में किचन गार्डन योजना धरातल पर साकार नहीं हो पाई है।
जिला समन्वयक (मिडडे मील) आदिल नियाज ने बताया कि शासन से चयनित विद्यालयों के लिए धनराशि खातों में भेज दी गई है। अब इनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जिन स्कूूलों में किचन गार्डन नहीं बने हैं, वहां से धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
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कई स्कूलों में नहीं मिले किचन गार्डन
तालग्राम। ब्लॅाक क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों की पड़ताल की गई तो कई स्कूलों में किचन गार्डन नहीं मिले और धनराशि को खर्च कर लिया गया। केवल कंपोजिट विद्यालय रसूलाबाद में किचन गार्डन में सब्जी की निराई गुड़ाई बच्चे और शिक्षक कर रहे थे। वहीं, चचियापुर में ग्रीष्मकालीन सब्जी बुआई की तैयारी चल रही थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय अदमापुर, अमोलर, ऊमरपुर, भवानी सराय, प्राथमिक विद्यालय नेकनामपुर, हसनापुर, केसरीनगनला भोजापुर में किचन गार्डन नहीं मिले।

सब्जियों की पौष्टिकता में वृद्धि के लिए है योजना

महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) कंचन वर्मा ने स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने की आधार शिला रखी थी। इसका उद्देश्य यह था कि मिड-डे मील में बच्चों को ताजी व हरी सब्जी मिल सके। इससे उनकी पौष्टिकता में वृद्धि हो। किचन गार्डन में उगने वाली सब्जियों में रासायनिक खाद की जगह गोबर की हरी खाद का प्रयोग हो तथा कीटनाशक के रूप में नीम की पत्तियों के रस का प्रयोग होना चाहिए। जिले में कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां बेहतर किचन गार्डन बनाए गए हैं।


बीएसए संदीप कुमार का कहना है कि जनपद में 211 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने की योजना है, जिसके लिए शासन से प्राप्त धनराशि को चयनित विद्यालयों के खाते में भेज दिय गया है। अब खंड शिक्षा अधिकारी व जिला समन्वयकों के माध्यम से इनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। किचन गार्डन न तैयार करने वाले प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई होगी।
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