जिले में नए नलकूपों की स्थापना व खराब नलकूपों को रिबोर कराने में लापरवाही बरती जा रही है। सरकारी योजनाओं का समय से लाभ न पाने से किसानों में नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने डीएम से सिंचाई संकट के समाधान के लिए चल रही नलकूप निर्माण योजना को समय से पूर्ण कराने की गुहार लगाई है। इन नलकूपों की स्थापना की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता नलकूप निर्माण खंड कानपुर के हवाले है।
नलकूप खंड के अनुसार वित्तीय वर्ष 2014-15 में जनपद में डा. राम मनोहर लोहिया तीन हजार नवीन नलकूप परियोजना के तहत 18 नए नलकूप स्थापित किए जाने हैं। इनमें से अब तक मात्र 4 नलकूपों की ही बोरिंग का कार्य पूरा कराकर उसे नलकूप खंड को हस्तांतरण किया जा सका है। इनमें भी अभी विद्युत कनेक्शन होना बकाया है। शेष 14 नलकूपों के निर्माण के काम में सुस्ती बरती जा रही है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के मात्र तीन महीने बचे हैं, लेकिन ज्यादातर नलकूप अधूरे पड़े हैं।
इसके अलावा जिले के आठ ब्लाक क्षेत्रों में 7 खराब पड़े नलकूपों को रिबोर कराने के लिए मंजूरी मिली थी। इन सातों नलकूपों के रिबोर का कार्य मार्च 2015 तक पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से भी मात्र 3 नलकूपों का रिबोर कार्य ही अब तक पूरा हो सका है। कई महीने पहले नलकूप रिबोर करने के लिए साइट उपलब्ध कराए जाने के बावजूद काम को पूरा करने में विलंब हो रहा है।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष अनुज मिश्र कक्का का कहना है कि सिंचाई से जुड़े नलकूप संबंधी कार्य को युद्धस्तर से कराया जाए। जो इंजीनियर या कर्मचारी देरी कर रहे हैं उन्हें तत्काल चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही किसानों के हित की इस योजना को साकार करने में हो रही देरी की समस्या से डीएम को अवगत कराएंगे। इसके बावजूद काम में तेजी न आई तो कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के साथ प्रदर्शन भी करेंगे।
जनप्रतिनिधि उदासीन, भटक रहे किसान
राजकीय नलकूप स्थापित कराकर व खराब के स्थान पर रिबोर कराकर सिंचाई संकट से हजारों किसानों को राहत देने की योजना को जनप्रतिनिधियों ने मंजूरी तो दिला दी लेकिन दोबारा सुध नहीं ली। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण जिला प्रशासन भी लापरवाह हो गया।
इसीलिए कार्यदाई संस्था नलकूप निर्माण खंड कानपुर के इंजीनियरों व ठेकेदार बेलगाम होकर मनमानी पर उतारू हो गए। इसलिए किसान अधूरे काम को पूर्ण कराने के लिए चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि यदि मार्च तक काम पूर्ण न हुआ तो आने वाली गर्मी के मौसम में फसलों को सूखने से बचाने के लिए उन्हें नाकों चने चबाने पड़ेंगे।
चालू वित्तीय वर्ष में नए ट्यूबवेलों की स्थापना व खराब ट्यूबवेलों के स्थान पर रिबोर कराने की योजना में देरी को गंभीरता से लिया गया है। एक्सईएन नलकूप निर्माण खंड कानपुर को पत्र भेजकर जमीनी हकीकत से अवगत करा दिया गया है। उनसे काम में तेजी लाने, अविलंब नलकूप स्थापना व रिबोर कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराकर हस्तांतरण कराने का अनुरोध किया गया है।
- एसके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड