तालग्राम। एक माह से चल रहे खरमास 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही शुभ विवाह और मांगलिक क की शुरुआत भी हो जाएगी। शहनाइयों की गूंज 15 अप्रैल से प्रारंभ होगी।
आचार्य कमलेश मिश्रा ने बताया कि सूर्य जब मीन राशि में रहते हैं तो इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इन दिनों को खरमास कहते है। पंचांग के अनुसार 14 अप्रैल की सुबह 9:38 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास का समापन हो जाएगा। साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों पर लगी रोक खत्म हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि विवाह का पहला शुभ मुहूर्त 15 अप्रैल है। सबसे बड़ी सहालग का मुहूर्त 19 अप्रैल है, क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया है, जो स्वयं सिद्धिकारक मुहूर्त माना जाता है। यह एक अबूझ मुहूर्त है। इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होंगी। इस माह 10 विवाह मुहूर्त हैं। फिर इसके बाद 14 मई तक कुल नौ लग्न हैं। इसके बाद ज्येष्ठ अधिक मास होने के कारण एक माह तक शादियों पर फिर से रोक लग जाएगी। इसके बाद 14 जून से 17 जुलाई तक लगातार 21 शुभ लग्न हैं। अप्रैल में शुभ मुहूर्त 15, 18, 20, 21, 24, 25, 26, 27, 28, 29 वहीं मई में शुभ मुहूर्त 1, 3, 5, 6, 7, 8, 9, 13, 14 तक हैं।