छिबरामऊ। पाकिस्तान गई बीबी हलीमा की जमीनों का मुद्दा उठाने वाले भाकियू (औनू) के पूर्व प्रदेश महासचिव ने बीबी हलीमा की जमीन पर तालग्राम क्षेत्र के काजीहार गांव बसा होने का दावा किया है। पहले से ही प्रशासन शत्रु संपत्तियों की जांच के लिए 20 गांवों के राजस्व रिकाॅर्ड खंगाले में जुटा है। किसान नेता के इस दावे ने प्रशासन के सिर दर्द को और बढ़ा दिया है।
किसान नेता गोपाल दुबे का कहना है कि छिबरामऊ देहात, बहवलपुर, दीपकपुर मोहम्मदाबाद, तालग्राम, समधन में बीबी हलीमा की जमीनें राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि तालग्राम विकास खंड के रौतामई गांव के पास काजीहार गांव बसा हुआ है। इस गांव की जमीन राजस्व अभिलेखों में बीबी हलीमा के नाम दर्ज हैं। किसान नेता ने इसकी जांच कराए जाने के लिए एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी से मांग की है।
एसडीएम ने बताया कि किसान नेता के दावे के अनुसार काजीहार गांव का रिकाॅर्ड खंगाला जाएगा। जांच में जमीन बीबी हलीमा की होने की पुष्टि होती है, तो सरकार में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अन्य शत्रु संपत्तियों की जांच के लिए तहसील क्षेत्र के करीब 20 गांवों में जांच चल रही है। लेखपालों की जांच रिपोर्ट आने के बाद इन शत्रु संपत्तियों को प्रदेश सरकार में निहित कराया जाएगा।
मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच पूरी
बीबी हलीमा का मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मोहल्ला बिरतिया निवासी मोहम्मद शफी ने आवेदन किया था, इनकी मौत हो चुकी है। 20 मई 1981 में मोहल्ला बिरतिया में बीबी हलीमा की मौत की पुष्टि करने वाले मोहल्ला बिरतिया लाहौरी टोला निवासी जाकिर उर्फ पप्पू, मोहम्मद सगीर पालिका व एसडीएम को शपथ पत्र देते हुए जालसाली करके उनके नाम का शपथ पत्र बनवाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा था। वह बीबी हलीमा को जानते हैं और न ही उनसे कोई संबंध है। गवाहों के मुकरने के बाद बीबी हलीमा का जारी हुआ मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी सिद्ध हो चुका है। एक महीने तक चली मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच रिपोर्ट पालिका प्रशासन उच्चाधिकारियों को भेज चुका है। इसके बाद भी अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र का निरस्त न किया जाना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।