कन्नौज। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार के साथ मारपीट की घटना के बाद तीनों तहसीलों के कर्मचारियों में इस कदर आक्रोश फैला कि उन्होंने काम ठप कर दिया। लॉकडाउन के दौरान चल रहीं सामुदायिक रसोई से लेकर खाद्यान्न वितरण और क्वारंटीन वार्ड में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था बेपटरी होने लगी। स्थिति गड़बड़ाती देख अफसरों के हाथ पांव फूल गए। आखिर में सांसद और भाजपाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश देने पड़े। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। अब एकजुट कर्मचारी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
सदर तहसीलदार के साथ मंगलवार दोपहर करीब सवा दो बजे मारपीट की घटना हुई थी। घटना के करीब सवा आठ घंटे बाद यानी 10:29 बजे सदर कोतवाली पुलिस ने कन्नौज के भाजपा सांसद सुब्रत पाठक और उनके तीन समर्थकों के खिलाफ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। मारपीट से लेकर रिपोर्ट दर्ज होने के बीच के यह सवा आठ घंटे पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बेहद तनावपूर्ण रहे।
दरअसल, घटना के बाद कन्नौज सदर, तिर्वा और छिबरामऊ तहसील के करीब 450 कर्मियों में इस कदर आक्रोश फैला कि उन्होंने कामकाज ठप कर दिया। लेखपाल से लेकर अमीन तक ने सामुदायिक रसोई में जाने से मना कर दिया। इससे करीब पांच हजार जरूरतमंद लोगों तक लॉकडाउन के दौरान दोनों वक्त का भोजन पहुंचाने का संकट खड़ा होने लगा। खाद्यान्न वितरण से भी लेखपालों और कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर लिए। क्वारंटीन वार्ड में भोजन की व्यवस्था से भी इनकार कर दिया। लॉकडाउन के दौरान इन व्यवस्थाओं को पटरी से उतरता देख अफसर दबाव में आ गए। कई घंटे तक कर्मचारियों को मनाने का प्रयास चलता रहा। अफसर जब अपने स्तर से नहीं समझा सके तो सदर तहसीलदार को आगे किया। इन सबके बाद भी कर्मचारी कार्रवाई से कम पर राजी नहीं हो रहे थे।
तहसील के सूत्रों के मुताबिक अफसरों ने प्राइवेट लोगों को लगाकर मंगलवार रात तो सामुदायिक रसोई, क्वारंटीन वार्ड और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था संभाल ली, बुधवार को स्थिति कैसे संभाली जाएगी, इसकी चिंता होने लगी। काफी प्रयास के बाद भी जब कोई रास्ता निकलता नहीं दिखा तब शासन स्तर पर भी वार्ता की गई। यहां हर स्थिति को समझने के बाद आखिर में सांसद और उनके समर्थकों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ।