कन्नौज। इत्रनगरी के रेलवे स्टेशन का कायाकल्प गोरखपुर के मॉडल की तरह होगा। इसके लिए रेलवे और पीएम गतिशक्ति ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। जल्द ही गुजरात की कार्यदायी संस्था काम शुरू करेगी। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों ने कन्नौज और कानपुर में डेरा डाल लिया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस रेलवे स्टेशन को बनाने में एक साल का समय लगेगा। अक्तूबर 2026 में इसका लोकार्पण किया जाएगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत इत्रनगरी के स्टेशन के कायाकल्प की आधारशिला पिछले साल रखी गई थी। 11 जनवरी को कमजोर शटरिंग के कारण निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिर गया था। इसमें 26 मजदूर गिरकर घायल हो गए थे। इसके बाद रेलवे ने कार्यदायी संस्था देवरिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। पांच अक्तूबर को पीएम गतिशक्ति ने गुजरात की डीसीबीआई प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया है। इसकी लागत 13.50 करोड़ रुपये रखी गई है।
पीएम गतिशक्ति ने रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए नया नक्शा तैयार किया है, जिसके अनुसार रेलवे स्टेशन बाहर से एयरपोर्ट की तरह दिखेगा तो अंदर का नजारा गोरखपुर के रेलवे स्टेशन की तरह होगा। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए स्वचालित सीढि़यां (एस्केलेटर ) लगाई जाएंगीं। प्लेटफार्म भी स्वच्छ व सुंदर होंगे। खास बात यह है कि रेलवे स्टेशन के लिए सोलर पॉवर स्टेशन भी बनाया जाएगा, जिससे यह रात को जगमगाएगा। हाईमास्ट लाइट और हाईटेक एलईडी समेत कई अत्याधुनिक प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि जल्द ही कार्यदायी संस्था और पीएम गतिशक्ति काम शुरू करेगी। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर नक्शे का अवलोकन कर लिया है।
जीटी रोड से चौड़ी सड़क बनाने की जुगत में रेलवे
कन्नौज रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए अभी संकुचित रोड है। इसके लिए रेलवे रोड को चौड़ा करने की जुगत में है। रेलवे के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए जिला प्रशासन से बात की जाएगी और स्टेशन के सामने बने मकानों को मुआवजा देकर सड़क को चौड़ा बनाया जाएगा। इसका मुख्य गेट जीटी रोड पर होगा, जिसके बाद पार्किंग होगी। इसके बाद स्टेशन परिसर शुरू हो जाएगा।
आशुतोष इंटरप्राइजेज का बिल्डिंग मेटेरियल जब्त
पिछली कार्यदायी संस्था आशुतोष इंटरप्राइजेज का 50 लाख रुपये का बिल्डिंग मेटेरियल स्टेशन परिसर में पड़ा है। पीएम गतिशक्ति ने यह माल जब्त कर लिया है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि यह मेटेरियल डीसीबीआई को हैंडओवर किया जाएगा। नए सिरे से स्टेशन का निर्माण प्रारंभ होगा और यह माल उसमें प्रयोग होगा। आशुतोष इंटरप्राइजेज पर जुर्माना लगाया गया है, उसमें इस माल की कीमत घटा दी जाएगी।