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जल निगम ने बर्बाद कर डाला 21 करोड़ 92 लाख रुपया

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छिबरामऊ। जल निगम की लापरवाही का खामियाजा नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए 21 करोड़ 92 लाख से अधिक खर्च करने के बाद भी लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। वजह पानी टंकी में खामियां और पाइप लाइन में लीकेज है। इससे नगर पालिका ने इन्हें अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया। वहीं खामियां ठीक करने के लिए जल निगम केे पास बजट नहीं है। इससे लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलती नहीं लग रही है।
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नगर पालिका में 25 वार्ड हैं। आबादी करीब एक लाख है। साल 2014 में पेयजल समस्या के समाधान के लिए छिबरामऊ पुनर्गठन पेयजल योजना शुरू की गई थी। इसके लिए 21 करोड़ 92.08 लाख बजट स्वीकृत हुआ था। जल निगम की लापरवाही से नगर में बिछाई गईं पाइप लाइनें पहली टेस्टिंग में फेल हो गईं। नहर कोठी में बना ओवरहेड टैंक लीक हो गया। योजना में खामियां होने से नगर पालिका ने अपनी सुपुर्दगी में लेने से मना कर दिया। जल निगम के पास पाइप लाइनों और टंकी की मरम्मत के लिए बजट न होने से योजना ठप पड़ी है। इससे बड़ी आबादी पानी के लिए तरस रही है।
बजट के लिए शासन को भेजा पत्र
जल निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश जौहरी ने बताया कि छिबरामऊ से एरवाकटरा फोरलेन सड़क के दौरान मोहल्ला इंदिरा नगर के सामने पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई है। इससे बहवलपुर तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। कुछ पाइप लाइनों की मरम्मत विभाग ने शुरू कर दी है। व्यवस्था को सुचारु करने के लिए शासन से बजट मांगा गया है। नगर पालिका के चार नलकूप खराब हैं। इनकी जांच पूरी हो चुकी है।
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हस्तांतरण के लिए तैयार पालिका, खामियां दूर करे जल निगम
नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेंद्र केसरवानी ने बताया कि पाइप लाइनों की खामियां दूर करने के लिए जल निगम के अधिकारियों को लिखा जा चुका है। खामियां दूर होने के बाद ही नगर पालिका योजना को सुपुर्दगी में लेगी।
विवाद के चलते नहीं बना, कहां गया बजट
गंगेश्वरनाथ मंदिर, इंदिरा आवास कालोनी में ओवरहेड टैंक व नहर निरीक्षण भवन में सीडब्लूआर ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ था। इसके अलावा आठ नलकूप स्वीकृत थे। इनमें से एक की पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव के आवास के निकट विवाद के चलते स्थापना नहीं हो सकी थी। इस नलकूप का बजट कहां गया, इसका जवाब विभागीय अधिकारियों के पास भी नहीं है।
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