छिबरामऊ। कोरोना महामारी से बचाव व रोगियों के उपचार के तरीके समझाने के लिए सौ शय्या अस्पताल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमएस डा. कुलदीप यादव ने बताया मरीज में कोरोना के लक्षण देख स्वास्थ्य कर्मी को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। एंबुलेंस से कोरोना के मरीज को पीपी किट से लैस स्वास्थ्य कर्मी ही रिसीव करेंगे और उसकी थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे। इसके बाद मरीज को आइसोलेशन वार्ड में ले जाने के लिए अलग रास्ता होगा। मरीज को वार्ड में भर्ती करने के बाद उसका उपचार शुरू किया जाएगा और बाद में उसका नाम व पता नोट किया जाएगा। ऐसे मरीज को 14 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। इस दौरान दो बार मरीज का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। दोनों बार जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा। बताया कि पूरे परिसर को लगातार सैनिटाइज कराया जाएगा। सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने हाथों को नियमित अंतराल पर सैनिटाइज करते रहें। इस दौरान डा. शोभित भारद्वाज, डा. अजय, डा. राहुल यादव, अमित सिंह, वंदना, कल्पना, शिवांशी, नीलम, नीतू, संगीता, शिल्पी व राहुल दीक्षित मौजूद रहे।