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द्वार पर टिकीं नजरें, बेटियों को देख छलक आए आंसू

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परिवार के साथ कामना और करिश्मा। संवाद - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। रूस के हमले के चलते यूक्रेन में शिक्षा हासिल करने गए छात्रों की घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को छिबरामऊ क्षेत्र के रहने वाले बृजपाल की बेटियां करिश्मा और कामना जैसे ही घर पहुंचीं वापसी हुई तो मात और पिता के आंसू छलक आए। बेटियों को गले लगाकर माथा चूमा।
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करिश्मा और कामना ने रोमानिया के रास्ते होते हुए सोमवार सुबह करीब 8 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली में लैंड किया। इसके बाद देर शाम करीब सात बजे घर पहुंचते ही अपने जिगर के टुकड़े के स्वागत के लिए मां-बाप पहले से मुख्य द्वार पर नजरें टिकाए खड़े थे। करिश्मा और कामना जैसे ही मां-बाप के पास पहुंचीं तो दोनों परिजनों से लिपट गईं। बताया कि उसके साथ 240 छात्र एक साथ फ्लाइट में आए हैं और उन्हें निशुल्क एयर लिफ्ट किया गया है। हालांकि इस फ्लाइट में आने वाली कन्नौज की केवल दोनों बेटियां ही रही हैं।
बेटियों ने बताया कि वे यूक्रेन के टर्नोपिल में वहां के मेडिकल विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। हालांकि अभी तक जो हालात कीव में बने हैं वैसे हालात टर्नोंपिल में भी हैं। इस वजह से भारतीय विद्यार्थियों में डर व दहशत का माहौल है। उन्हें विश्वविद्यालय के होस्टल में ही रखा गया था। दो दिन पूर्व ही किसी तरह हो रोमानिया के भारतीय दूतावास पर पहुंचीं वहां पर उन्हें एक रात खुले में बितानी पड़ी थी, क्योंकि वहां पर छात्रों की संख्या बहुत अधिक थी। रहने के लिए टेंट भी कम पड़ गए थे।
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