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डिप्टी सीएम तक पहुंची आवाज तो वापसी की संभावनाएं तलाशने लगा अस्पताल प्रशासन

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छिबरामऊ। सौ शैया अस्पताल से निकाले गए 10 स्वास्थ्य कर्मियों का मामला सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक पहुंचने के बाद अब अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया है। अब इन स्वास्थ्य कर्मियों की वापसी की संभावनाएं तलाशी जा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों के पद बढ़ाने के लिए शासन को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है।
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तीन फरवरी को सौ शैया अस्पताल में कार्यरत पुरुष स्टाफ नर्स वीरेंद्र तिवारी, प्रत्यूष त्रिपाठी, विवेक कुमार, फीमेल स्टाफ नर्स सोनाली यादव, मोनिका यादव, अंशु तिवारी, अनन्या, प्रीती देवी, ओटी टेक्नीशियन अंबुज दीक्षित व प्रवीण कुमार की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया। इसके बाद निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवाएं जारी रखवाने के लिए पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, सांसद सुब्रत पाठक, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार सहित अफसरों के दरवाजे खटकाए लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं होने पर ये स्वास्थ्य कर्मी बुधवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास पहुंच गए।
अब अस्पताल के अफसर बैकफुट पर आ गए हैं और स्वास्थ्य कर्मियों की वापसी की संभावनाएं तलाशी जाने लगी है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों का छह माह का बकाया मानदेय दिलाए जाने के लिए बजट की भी मांग की है। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के पद बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। स्वास्थ्य कर्मियों का बकाया मानदेय दिलाने के लिए भी बजट की मांग की गई है।
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