कन्नौज। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल विकास परियोजना उमर्दा का सप्ताह में दो बार निरीक्षण किया। हर बार सीडीपीओ नहीं मिले। पहली बार तीनों और दूसरी बार दो सुपरवाइजर गैरहाजिर थीं। सभी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।
सोमवार को प्रभारी डीपीओ राजेश वर्मा ने बताया कि निरीक्षण में सीडीपीओ अमित मिश्र, सुपरवाइजर सुधा रावत और अरुणा यादव नहीं मिलीं। इसी तरह 26 अप्रैल के निरीक्षण में सुपरवाइजर गीता कुमारी, सुधा रावत और अरुणा यादव भी नहीं मिलीं थीं। सीडीपीओ अमित मिश्र भी नहीं मिले थे। उन्होंने बताया कि सभी को वेतन रोक दिया गया है। स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। निरीक्षण में आईजीआरएस का रजिस्टर भी नहीं मिला। इसमें लापरवाही सामने आई।