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भाजपा में दौड़ धूप, बसपा में संशय दूर

Fri, 06 Jan 2017 11:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
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शहर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च करती फोर्स - फोटो : Amar ujala
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कन्नौज। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टी के नेताओं ने तेजी पकड़ ली है। शुक्रवार को बसपा ने जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। जिसके बाद पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति दूर हो गई है। इधर, भाजपा हाईकमान से मकर संक्रांति के बाद टिकट वितरण की जानकारी आने के बाद दावेदारों ने लखनऊ की दौड़ धूप और तेज कर दी है। सपा में स्थिति अभी भी पहले जैसी ही है। पार्टी से जुड़े लोग लखनऊ में चल रहीं पार्टी की गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया से लेने में जुटे हैं। टीवी न्यूज चैनल की भी मदद ली जा रही है। पार्टी में मचे घमासान का ही नतीजा है कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी सपाई पूरे मन से चुनावी मैदान में नहीं उतर रहे हैं। कांग्रेसी भी प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
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सोशल इंजीनियरिंग से फतह की तैयारी
बहुजन समाज पार्टी ने जिले की तीनों सीटों पर अधिकृत रूप से उम्मीदवारों को मैदानमें उतार दिया है। तीनों सीटों पर जातीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है। बसपा प्रमुख की मुहर लगने के बाद उम्मीदवार समर्थकों के साथ पूरी सक्रियता से मैदान में उतर गए हैं।   

  विधानसभा चुनाव के लिए बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को मंडल पदाधिकारियों की ओर से घोषित उम्मीदवारों पर मुहर लगा दी है। बसपा प्रमुख की ओर से घोषित की गई सूची में कन्नौज विधानसभा से अनुराग जाटव, तिर्वा विधानसभा से विजय सिंह यादव विद्रोही, छिबरामऊ विधानसभा से ताहिर हुसैन सिद्दीकी को प्रत्याशी बनाया गया है। सूची जारी होते ही सभी अटकलों पर विराम लग गया है। सदर सीट से बसपा की टिकट पाने वाले अनुराग जाटव पूर्व एमएलसी सतीश जाटव के पुत्र हैं। पिछले एक दशक से वह राजनीति से जुड़े हुए हैं।
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पीएचडी डिग्री धारक अनुराग जाटव की क्षेत्र में लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें टिकट दिया गया है। इसी तरह तिर्वा विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित एलएलबी डिग्रीधारी विजय विद्रोही कन्नौज के साथ ही फर्रुखाबाद में भी सक्रिय हैं। वह कई डिग्री व इंटर कालेज के संचालक हैं। इसके साथ ही कोल्ड स्टोर के भी मालिक हैं। इसी प्रकार छिबरामऊ सीट से बसपा ने पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दकी को टिकट दिया है। ताहिर इससे पहले बसपा के टिकट पर फर्रुखाबाद की भोजपुर सीट से 2007 में विधायक रह चुके हैं। वह कन्नौज के साथ ही फर्रुखाबाद में भी सक्रिय रहे हैं।

भाजपा में टिकट को लेकर मंथन शुरू
जिले में विधानसभा चुनाव तीसरे चरण में होंगे। टिकट को लेकर भाजपा में रस्साकसी चल रही है। सदर, तिर्वा व छिबरामऊ में टिकट का बटवारा करना पार्टी नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा। पार्टी पुराने चेहरों पर विश्वास करेगी या फिर किसी नए चेहरे को मैदान में उतारेगी, इस पर संशय है। फिलहाल सभी हाई कमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

भाजपा की सदर सीट पर नजर डालें तो यहां भाजपा मजबूत स्थिति रही है। इस सीट पर दो पूर्व विधायक भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। किसी नए चेहरे को लेकर खामोशी छाई है। वहीं, तिर्वा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक के साथ ही राज्यसभा के पूर्व सांसद के पुत्र समेत कछ और दावेदार मैदान में हैं। ऐसा ही नजारा छिबरामऊ विधानसभा का है।

यहां पर भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ चुकीं नेत्री भी दावेदारी कर रही हैं। वहीं गुपचुप तरीके से अन्य दावेदार भी टिकट को लेकर लखनऊ की परिक्रमा कर रहे हैं। हाईकमान तीनों विधानसभा सीटों पर अपने जिताऊ प्रत्याशी उतारने के लिए मंथन कर रहा है। 16 जनवरी के बाद सीटों का खुलासा लगभग तय माना जा रहा है।

सपाइयों ने गड़ाई सोशल मीडिया पर नजर
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में समाजवादी पार्टी सबसे आगे निकलने के बाद अब पिछड़ी दिख रही है। कार्यकर्ता व पदाधिकारी प्रचार-प्रसार छोड़कर सोशल मीडिया पर नजरें गड़ाए हैं। ये लोग पार्टी में चल रहे घमासान की पल-पल की जानकारी लेने में जुटे हैं। टीवी न्यूज चैनलों का भी सहारा लिया जा रहा है। शुक्रवार को भी सुबह से लेकर शाम तक सुलह-समझौते के कयास लगाए जाते रहे, लेकिन आखिरी तक नतीजा न निकलने से कार्यकर्ता मायूस हो गए।

सपा करीब आठ माह पहले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में सबसे आगे थी। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बूथ प्रभारियों के सम्मेलन व युवा सम्मेलन आयोजित कराए जा चुके हैं। इसके बाद से पारिवारिक गतिरोध के कारण सपाई तैयारियों में पिछड़ती जा रही है। यह पारिवारिक गतिरोध पिछले करीब दो माह से ज्यादा बढ़ गया है। अब हालात यह हैं कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। हालांकि कन्नौज में समाजवादी पूरी तरह से अखिलेश के साथ हैं, लेकिन सभी में इस घटनाक्रम के बाद से खामोशी है।

कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। तीनों विधानसभा क्षेत्रों की सीटों के प्रत्याशी भी फाइनल हो गए हैं, इसके बावजूद प्रचार अभियान सुस्त है। जिला कमेटी का कहना है कि क्षेत्र में जुटने के निर्देश दिए गए। बूथ स्तर से प्रचार अभियान में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कोषाध्यक्ष ने पार्टी के खाते को सीज किए जाने के सवाल पर कहा कि उसमें कन्नौज जिला शामिल नहीं है। स्थितियां जल्द सामान्य हो जाएंगी।

नोटबंदी के विरोध की तैयारी में कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार अभी तक घोषित न होने पर कांग्रेस पार्टी कार्यालय में सन्नाटा छाया है। यहां पर शुक्रवार को पूरे दिन कार्यालय बंद रहा है। तो वहीं कांग्रेस ने नोटबंदी से लोगों को हो रही समस्या पर चिंता जताई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा ने बताया कि नोटबंदी से आम आदमी को परेशानी हई है।

उन्होंने आज पार्टी के कार्यकर्ताओं से वार्ता की है। जिसमें वह नोटबंदी के मुद्दे पर डीएम से अपनी नाराजगी जताएंगे। फिलहाल टिकट को लेकर उनकी पार्टी में किसी किस्म का कोई मन मुटाव नहीं है। हाई कमान का जो आदेश मिलेगा उसका वह सभी पालन करेंगे।
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