खानपुर में नलकूप चलने के बाद पानी का फ्लो देखते जेई सुशांत वर्मा व अन्य। संवाद
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कन्नौज। पिछले चार साल से सूखे पड़े उमर्दा विकास खंड के गांव खानपुर और इसके दो मजरों के नल बुधवार शाम से पानी देने लगे। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर मुख्यमंत्री कार्यालय सख्त हुआ तो जल निगम और बिजली विभाग के अफसरों ने खानपुर की दौड़ लगाई। फौरी तौर पर खानपुर ग्राम पंचायत के तीन गांवों के साढ़े चार सौ घरों को नल से जल मिलने लगा है। लगभग 2200 लोगों की पेयजल की समस्या दूर हो गई है।
उमर्दा विकास खंड के गांव खानपुर में ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2015 में पांच करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी, नलकूप और गांव तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बनवाई गई थी। न सिर्फ खानपुर, बल्कि इसके मजरे नवलपुरवा, जडेर, पल्यूरा, बनिकापुरवा, धीरजपुर, गढ़ीपुरवा में भी टंकी से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी।
वर्ष 2018 से यहां जल निगम और बिजली विभाग की लापरवाही से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। जल निगम ने यहां की मोटर दुरुस्त नहीं कराई तो बिजली विभाग ने यहां विद्युत आपूर्ति को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। 10 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने खानपुर के 3500 नलों में चार साल से पानी न आने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की, तो इसकी गूंज मुख्यमंत्री कार्यालय तक हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम से पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करने और इससे अवगत कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जल निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों की नींद खुल गई।
शनिवार को मशक्कत कर खानपुर में टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई। जल निगम के अवर अभियंता सुशांत वर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बिजली विभाग का सहयोग लेकर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कीं। इसके बाद खानपुर, गढ़ीपुरवा और जडेर के 450 परिवारों को पानी मिलने लगा। ग्राम प्रधान निशा यादव ने बताया कि पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। सुबह शाम नलकूप चलाकर पानी की टंकी भरी जाती है। उन्होंने लंबे समय से चली आ रही समस्या का निराकरण कराने के लिए अमर उजाला का आभार भी जताया।