फोटो 24- मेडिकल कॉलेज में लगे एक्सपायरी अग्निशमन यंत्र। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां आग बुझाने के लिए जगह-जगह लगे अग्निशमन यंत्र करीब 15 दिन पहले एक्सपायर हो चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेसुध है। इतना ही नहीं करीब एक साल से कर्मचारियों को अग्निशमन सुरक्षा का प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। ऐसे में यदि आग लगती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
आग लगने पर तत्काल काबू पाने के लिए मेडिकल कॉलेज में जगह-जगह पांच-पांच किलोग्राम के करीब 150 (एक्सटिंग्यूसर) अग्निशामक यंत्र लगे हैं। इसके अलावा प्रत्येक छह माह में कर्मचारियों को अग्निशमन विभाग की ओर से प्रशिक्षण का नियम है। लेकिन मेडिकल कॉलेज में करीब एक साल से कर्मचारियों को प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया है।
आग बुझाने के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्र पांच अगस्त 2022 को एक्सपायरी हो गए हैं। इसके बाद भी इन यंत्रों को रिफिल नहीं कराया गया है। ऐसे में अगर मेडिकल कॉलेज में आग लगती है तो चिकित्सकों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों को जान पर आफत आ जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अगर अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी के डेट के लगे है, तो गलत है। जल्द ही निरीक्षण करेंगे। एक्सपायरी डेट के यंत्र मिलने पर नोटिस जारी किया जाएगा।
अग्निशमन यंत्र एक्सपायर होने की जानकारी है, लेकिन रिफिल कराने के लिए बजट नहीं है। शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही यंत्रों को रिफिल करा दिया जाएगा। -डॉ. दिलीप सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज।
फोटो 25- मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन यत्र में लगा एक्सपायरी डेट का नोटिस। संवाद- फोटो : KANNAUJ