जिले की पुलिस ने कफील गैंग के 14 लुटेरों को दबोचने का दावा किया है। गैंग के कब्जे से चार ट्रक एवं 25 लाख कीमत के 103 टायर भी बरामद किए हैं। इस दौरान 10 लुटेरे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने इन लुटेरों को पकड़ने के साथ ही 29 जनवरी को हुए ट्रक लूटकांड का भी खुलासा किया है। एसपी ने गैंग को दबोचने वाली टीम को 20 हजार रुपये पुरस्कार एवं तीन दिन का अवकाश देने का ऐलान किया है।
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर के पास से 29 जनवरी को 293 टायरों से भरे ट्रक को बदमाशों ने लूट लिया था। इस घटना के बाद से ही जिले की पुलिस ट्रक लूट की वारदात में शामिल गैंग की तलाश में जुटी थी। पुलिस का दावा है कि दो दिन पहले उसे सूचना मिली कि विशुनगढ़ के पास कुछ बदमाश रुके हुए हैं।
पुलिस ने छापा मारकर गैंग लीडर बरेली जिले के देवरनिया निवासी कफील अहमद, वकार, रहमत अली, हसीन अहमद, बहेड़ी थाना क्षेत्र के अंसार अहमद , इस्लामुद्दीन व मो. अजीम, नदीम, जोखनपुर निवासी खतीक, भोजीपुरा थाना क्षेत्र के रफीक, मो. नसीम, शीषगढ के गुड्डू उर्फ अखलाक, पीलीभीत के जहानाबाद निवासी मुन्ना अफजल एवं रामपुर जिले के शहजादनगर निवासी नसीबुर्रहमान को धर दबोचा। इस दौरान 10 बदमाश भाग निकले।
बदमाशों के बारे में जानकारी देते हुए एसपी कलानिधि ने दावा किया कि सभी अंतरराज्यीय शातिर लुटेरे हैं। इन्होंने जालौन, पीलीभीत, औरैया, मिरजापुर, आगरा में टायर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। पंजाब के पटियाला, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, जबलपुर में भी इस गैंग ने टायर लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है। इनके कब्जे से लूटे गए टायरों को ढोने वाले चार ट्रक, 103 टायर, चार तमंचे, एक चाकू बरामद किया गया है।
यह बदमाश ट्रक को पहले से चिन्हित कर लेते थे। इसके बाद अपने ट्रकों को उसके पीछे लगाकर सुनसान जगह पर रोक लेते थे। चालक व क्लीनर की हत्या करके या बंधक बनाने के बाद अपने ट्रक में टायर लादकर भागते थे।
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ये बदमाश हुए फरार
एसपी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के लोदीपुर निवासी सौरभ जाटव, आरिफ, तीरज, देवरनिया के इस्लामपुर निवासी जलीस, बाबू उर्फ तौसीफ, सौकीक, माधौपुर निवासी क माल, शीषगढ के कस्बा शेखूपुर निवासी अतीक, उधम सिंह नगर के मोहल्ला सिरोरी किच्छा निवासी राशिद, जावेद भाग निक ले। इनकी धर पकड़ के लिए संबंधित जिले की पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई है।
कई जनपदों में दर्ज हैं मुकदमे
एसपी के अनुसार गैंग लीडर कफील के खिलाफ थाना अमरिया पीलीभीत, थाना आरा जालौन, थाना सदर जिला पटियाला पंजाब, बकार के खिलाफ थाना देवरनिया बरेली, थाना गोरखपुर जिला जबलपुर मध्य प्रदेश, थाना सदर जिला पटियाला पंजाब, खतीक के खिलाफ थाना उमरिया जनपद पीलीभीत, नदीम के खिलाफ थाना मड़िहान मिर्जापुर यूपी में मुकदमा दर्ज हैं। इस गैंग को कई प्रांतों की पुलिस को तलाश थी।
क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने की गिरफ्तारी
एसपी के निर्देश पर गठित पहली टीम में शामिल छिबरामऊ कोतवाली प्रभारी सीएल वर्मा, उप निरीक्षक शेष कुमार शुक्ला, दूसरी टीम में स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव, कांस्टेबल मनीष, सुनील, समशुद्दीन, प्रवीण, कुलदीप, सुधीर तीसरी टीम में सर्विलांस टीम प्रभारी तारिक खान, दुष्यंत, कुलदीप, करन सिंह, सुखवीर सिंह, कोमल सिंह व मदन सिंह ने संयुक्त रूप से इस केस को खोलने के लिए काम किया। पता चला कि पहले यह गैंग मुंशी गैंग के नाम से चलता था। बाद में आपस में खटपट हुई तो कफील गैंग नाम दिया गया। लूटे गए टायरों को नसीम उधार खरीद लेता था। इसके बाद वह टायरों को फुटकर में कम रेट पर बेचता था।
सिकंदरपुर में लूटे गए थे 55 लाख के टायर
कन्नौज। पुलिस के अनुसार ट्रक लूट केस के मामले में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि उन्होंने मेरठ से ही ट्रक लादकर निकले टीसीआई फ्रेट कंपनी के ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। ये टायर कानपुर जाने थे। रास्ते में कन्नौज जनपद की कोतवाली छिबरामऊ के कसबा सिकंदरपुर कसबे के निकट रात के वक्त सुनसान जगह पाकर ओवरटेक करके ट्रक को रुकवाया। इसके बाद उसके चालक व परिचालक को मारपीट करते हुए नीचे उतारा। बाद में चालक को बंधक बनाकर सड़क से दूर डाल दिया।
इस दौरान उनके अन्य साथियों ने ट्रक में लदे करीब 55 लाख रुपये कीमत के कोंटीनेंटल कंपनी के 293 टायरों को अपने ट्रकों में लाद लिया और फरार हो गए। दूसरे दिन आसपास के ग्रामीणों ने चालक को मुक्त कराया तब उसने ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद टीसीआई फ्रेट कंपनी के जोनल मैनेजर निरंजन कुमार ने 31 जनवरी को छिबरामऊ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें लगाई गई थीं।