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Kannauj News: जेवां टोल प्लाजा ने लगाया दो किलोमीटर लंबा जाम, दो घंटे तक फंसे रहे वाहन

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जसोदा (कन्नौज)। अलीगढ़-कानपुर हाईवे के जेवां टोल प्लाजा पर सोमवार रात नेट क्या बंद हुआ, टोल प्रबंधन ने हाईवे ही बंद कर दिया। इंटरनेट फेल होने से फास्टैग स्कैन नहीं हो रहे थे इसलिए बैरियर गिराकर सैकड़ों वाहनों को दो किलोमीटर लंबे भीषण जाम में झोंक दिया। दो घंटे तक यात्री, बसें और ट्रक फंसे रहे। लेकिन टोल प्रबंधन बिना पैसे लिए किसी को जाने देने को तैयार नहीं हुआ।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नियमानुसार, यदि टोल प्लाजा पर तकनीकी खराबी या फास्टैग सर्वर डाउन होने की वजह से गाड़ियां स्कैन नहीं हो पाती हैं या वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक लंबी हो जाती है, तो यात्रियों से शुल्क लिए बिना बैरियर खोलकर गाड़ियों को निकालने देना। इसके अलावा, प्रति वाहन 10 सेकंड से अधिक का प्रतीक्षा समय भी नियम विरुद्ध है। लेकिन जेवां टोल प्लाजा यह कोई भी नियम मानने को तैयार नहीं है। रात नौ बजे से ही इंटरनेट ठप होने के बाद वाहनों की लाइन लगवा दी गई। कार, बस और ट्रकों में सवार यात्री रात 11 बजे तक कनेक्टिविटी ठीक होने का इंतजार करते रहे। सवाल कि क्या दो-तीन दिन नेट नहीं आएगा तो हाईवे बंद रहेगा।
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तीन दिन में दूसरी बार लाचार हुई व्यवस्था
यह पहला मौका नहीं है जब जेवां टोल प्लाजा पर अव्यवस्था का आलम दिखा हो। इससे पहले 26 सितंबर को भी जेनरेटर में खराबी आने के कारण घंटों लंबा जाम लग चुका है। बार-बार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों और बैकअप इंटरनेट-बिजली का वैकल्पिक व्यवस्था न होने से यात्रियों में भारी नाराजगी है। चालकों का कहना है कि हर सफर में टोल के रूप में जेब ढीली करने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। रात 11 बजे के बाद तकनीकी टीम ने इंटरनेट बहाल किया, तब जाकर धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
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वर्जन

इंटरनेट कनेक्शन फेल होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। तकनीकी टीम को लगाकर तत्काल प्रभाव से खराबी दूर करा दी गई और यातायात बहाल कर दिया गया। कनेक्टिविटी न होने से बैरियर बूम नहीं खुल रही थी, जिससे जाम लग गया था।
-अंबरीश गौतम, टोल प्रबंधक


एनएचएआई के नियम के मुताबिक टोल पर बिजली या कनेक्टिविटी न होने पर किसी वाहन को नहीं रोका जाएगा। यदि वहां दो घंटे यातायात बाधित रहा तो टोल वसूलने वाली कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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-पंकज यादव, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई कानपुर
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