उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की शुक्रवार को नलकूप खंड कार्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर हंगामी बैठक हुई। इसमें प्रदेश सरकार को जमकर कोसा गया। गुस्साए इंजीनियरों ने 26 मार्च को जेल भरो आंदोलन के तहत तीन चरणों में गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया। इंजीनियरों ने कहा कि अब आरपार का संघर्ष होगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
महासंघ के जिलाध्यक्ष आरके सिंह की अध्यक्षता में जनपद सचिव राम महेश, मीडिया प्रभारी सुनील आनंद, राम मिलन, अशोक, इंद्रजीत सिंह कटियार, एमपी सिंह, अरुण, संजय कनौजिया आदि ने कहा कि प्रथम चरण में 26 मार्च को 35 इंजीनियर, द्वितीय चरण में 28 मार्च को 47 अभियंता, तृतीय चरण में विद्युत विभाग के सभी सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में 33 अभियंता गिरफ्तारी देगें।
अभियंता लवकुश, रवींद्र, आरडी शर्मा, मनोज रमन, आदर्श बाबू, अनिल सचान, मकरंद सिंह यादव, सुरवीर सिंह यादव, सुनील, ओमपाल सिंह ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स का प्रारंभिक ग्रेड वेतन 4800 किया जाए। ऐसा न होने तक आंदोलन चलता रहेगा।
अभियंता जमुना प्रसाद, अंजनी गौतम, अशोक सिंह, वृजेंद्र मोहन, सुनील यादव, कौशल किशोर, दीपक कुशवाहा, सुधीर, विवेक तिवारी प्रभात गुप्ता ने कहा कि जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली गई है। प्रदेश सरकार को इस बार इंजीनियरों को उनका हक देने के लिए मनाकर ही रहेगे।