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जमीन पर कब्जे के विरोध में फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा

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प्रदर्शन के दौरान मौजूद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा व अन्य अधिवक्ता। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। इलाके के ग्राम करमुल्लापुर में वकील की जमीन पर कब्जे के विरोध में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। वकीलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। गुस्साए वकीलों ने एसडीएम व तहसीलदार के न्यायालय में ताले डाल दिए। एसडीएम ऑफिस में घुसने से रोकने पर होमगार्ड को पीट दिया गया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखी।
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शुक्रवार को करमुल्लापुर निवासी अधिवक्ता संजय शाक्य पत्नी के साथ तहसील में धरने पर बैठने पहुंच गए। संजय शाक्य ने बताया कि उनकी जमीन पर पुलिस की मौजूदगी में कब्जा किया जा रहा है। परिवार को पुलिस जमीन के पास भी नहीं जाने दे रही है। कोई भी प्रशासनिक या पुलिस का अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहा है। अधिवक्ता के पत्नी सहित धरने पर बैठने की सूचना से अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा, महासचिव चंद्रजीत यादव, पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू, पूर्व महासचिव ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय में ताले डाल दिए। एसडीएम कोर्ट में घुसने से रोकने पर होमगार्ड के साथ मारपीट कर दी गई। हंगामा बढ़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल को बुला लिया गया। एसडीएम देवेश कुमार गुप्त व सीओ शिव कुमार थापा ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। वकील निर्माण कार्य को तुड़वाने तक कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने बताया कि दोनों पक्षों से जमीन के कागज मंगाए गए हैं। कागजों को देखने के बाद जमीन की पैमाइश कराई जाएगी।
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बाउंड्री तोड़े जाने की अधिवक्ताओं ने की मांग
अधिवक्ता संजय शाक्य की जमीन पर पुलिस की मौजूदगी में चार दिन में हुए निर्माण कार्य को तोड़े जाने की वकीलों ने मांग की। हालांकि यहां निर्माण कार्य बंद करा दिया गया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा ने बताया कि जब तक अधिवक्ता की जमीन पर बनाई गई बाउंड्री को नहीं तोड़ा जाएगा, लड़ाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों की वकीलों के साथ बंद कमरे में हुई वार्ता
प्रदर्शन के दौरान वकीलों की पुलिस अधिकारियों से तीखी झड़पें हुईं। वकीलों के प्रदर्शन के बाद एसडीएम देवेश कुमार गुप्त, तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, सीओ शिव कुमार थापा ने वकीलों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बंद कमरे में काफी देर तक वार्ता की। वकीलों का कहना था कि बाउंड्री तोड़ी जाए। वहीं प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच करने का आश्वासन दे रहे हैं।
एसडीएम ने सीओ को निर्माण कार्य रुकवाने का दिया था आदेश
इलाके ग्राम करमुल्लापुर में अधिवक्ता संजय शाक्य की जमीन पर कब्जे को रुकवाने के लिए एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने सीओ शिव कुमार थापा को लिखित रूप से आदेश दिया था। अधिवक्ता के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य होता रहा। इससे एसडीएम के आदेश की धज्जियां उड़ती रहीं।
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