संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। 20 दिन बाद बुधवार को जोरदार बारिश हुई। गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए बारिश राहत बनकर बरसी। किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि एक घंटे तक हुई बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बार मलमास पड़ने से सावन दो माह का है। जुलाई के आखिरी दो सप्ताह बारिश नहीं हुई। उसके पहले भी हल्की बारिश हुई थी। आखिरी बार 12 जुलाई को झमाझम बारिश हुई थी। उसे इस सीजन की सबसे बेहतर बारिश के रूप में दर्ज किया गया था। उसके बाद किसी एक दिन को छोड़ दिया जाए तो लोग बारिश के लिए तरस गए। ऐसे में बुधवार को जब झमाझम बारिश हुई तो सभी के चेहरे खिल उठे। बुधवार की सुबह से ही आसमान में बादल मंडरा रहे थे। बीच-बीच में रिमझिम फुहार भी हो रही थी। दोपहर के 12 बजते ही जोरों की बारिश शुरू हो गई। ऐसे में जो जहां था, वहीं ठिठक गया।
कोतवाली से लेकर बाजार में जलभराव
जोरदार बारिश के दौरान शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सदर कोतवाली परिसर में भी पानी भर गया। शहर के कई मोहल्लों में भी नालों का पानी उफनाकर गलियों में बहने लगा। शेखपुरा, हिम्मालीपुरा, शेखाना, अजयपाल आदि मोहल्लों में देर तक गलियाें में पानी बहता रहा। इससे लोग अपने-अपने घर में ही कैद होकर रह गए।
तीन दिन बारिश की संभावना
बुधवार को हुई जोरदार बारिश कुछ ही हिस्साें में हुई। कई जगह हल्की फुहार ही बरसी। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक बुधवार को 11.05 मिलीमीटर रिश दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन में और तेज बारिश की उम्मीद है।
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मेहरबान हुए मेघ, तेज हुई धान रोपाई
तालग्राम। झमाझम तेज बारिश होने के चलते खेत व खलिहान और गांव की गलियां भी पानी से सराबोर हो गई हैं। कुछ दिनों बाद शुरू हुई बरसात ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। ऐसे में धान की रोपाई के लिए आसमान की ओर निहार रहे किसानों ने खेतों में पर्याप्त पानी पाकर धान की रोपाई का काम तेज कर दिया है। किसान बीरेंद्र कुमार, ईश्वर दयाल, घासीराम, बहादुर, श्रीकृष्ण का कहना है कि धान रोपाई हो गई। जिन किसानों ने पंपिंग सेटों के सहारे धान की रोपाई कर दी थी। उस धान फसल के लिए यह बरसात रामबाण साबित होगी। वहीं लोगों का कहना है कि बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। साफ-सफाई न होने के कारण नालियां चोक हो गई हैं। जिससे नालियों का दूषित जल मार्ग पर फैल रहा है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।