कन्नौज। विकास खंड जलालाबाद की ग्राम पंचायत तेरारागी में वीबी-जी राम जी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने में पारदर्शिता का उल्लंघन करने पर बीडीओ जलालाबाद ने ग्राम विकास अधिकारी सिद्धार्थ राजपूत को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
अपर आयुक्त मनरेगा ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश और उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा वीसी के माध्यम से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मनरेगा व बीवीजी राम-जी योजना के तहत कार्यस्थल पर एनएमएमएस एप के माध्यम से प्रथम एवं द्वितीय पाली में श्रमिकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से पारदर्शी तरीके से फोटो अपलोड कर दर्ज की जाए। इसकी समीक्षा हर सप्ताह जिला व शासन स्तर पर की जाती है।
इसके बावजूद 18 सितंबर 2025 को बीडीओ द्वारा एमआईएस का अवलोकन किया गया तो पाया गया कि तेरारागी में एप के माध्यम से उपस्थिति पारदर्शिता के साथ नहीं ली जा रही है। कार्यस्थल की फोटो में अनियमितता मिली है, जो अत्यंत गंभीर है। जबकि संबंधित अधिकारी को पहले मौखिक और लिखित रूप से कई बार निर्देशित किया जा चुका है।
बीडीओ ने नोटिस में कहा है कि निर्देशों का गंभीरता से पालन न करने से योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति बनती है तो उसका संपूर्ण उत्तरदायित्व ग्राम विकास अधिकारी का होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अन्य ग्राम पंचायतों के सचिवों व रोजगार सेवकों में खलबली मची है।