कन्नौज। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सेल्फ सर्वे करने वाले आवेदकों का फील्ड सत्यापन जिले में जारी है। इसी सप्ताह शुरू हुई प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आ रही है। अब तक हुए सत्यापन में 30 से 40 प्रतिशत आवेदनों में तथ्यात्मक गड़बड़ियां मिली हैं।
डीआरडीए के अनुसार कई आवेदकों ने सेल्फ सर्वे के दौरान गलत जानकारी अपलोड कर दी है। किसी ने पक्का मकान होते हुए भी कच्चा मकान दर्शाया है। तो किसी ने परिवार की आय, जमीन और सदस्यों से जुड़ी जानकारी गलत भरी है। कई आवेदनों में मकान की फोटो भी मानक के अनुरूप नहीं है। इससे सत्यापन में लगे कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामऔतार सिंह ने बताया कि इस आधार पर कोई भी आवेदन फिलहाल निरस्त नहीं किया जाएगा। सर्वेयर केवल मौके पर सही स्थिति को अंकित करेंगे। यदि आवेदक की जानकारी और मौके की स्थिति में अंतर मिलेगा तो असहमति दर्ज कर मामला चेकर स्तर पर जांच के लिए भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय जिला स्तर पर पात्रता सूची बनने के बाद लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गाइडलाइन की पूरी जानकारी नहीं होने पर ग्रामीणों से गलतियां हुई हैं। कई लोगों ने जल्दबाजी में सेल्फ सर्वे कर दिया था। सर्वे की पूरी प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी की जाएगी। फील्ड सत्यापन के बाद चेकर और एडीओ पंचायत स्तर पर जांच करेंगे। इसके बाद स्थायी पात्रता सूची तैयार होगी और उसी के आधार पर आवास स्वीकृति का रास्ता साफ होगा।