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सार्वजनिक छोड़ निजी स्थानों पर लगा दीं सोलर लाइटें, जवाब तलब

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कन्नौज। सोलर लाइटें लगाने में दो ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी पाई गई है। जिला पंचायतराज अधिकारी की जांच में जलालाबाद ब्लाक की दो ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक जगह के बजाय व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिए निजी स्थानों पर सोलर लाइट लगी मिलीं। इस पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताकर सचिवों से जवाब तलब किया है।
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मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी के आदेश पर जिला पंचायतराज अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने दो ब्लाकों की तीन ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट की बिंदुवार जांच की। जलालाबाद के जेवां में 1.80 लाख रुपये की सोलर लाइट लगने की जांच की। यहां आठ सोलर लाइटें सार्वजनिक स्थानों के बजाय व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिए लगाई गई हैं। उस समय ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार तैनात थे। इसी अटारा निफ्स में 98 हजार रुपये से सोलर लाइट लगाई गईं। यहां पहले से लगी 16 सोलर लाइट की बैटरी को बदला गया है। खराब बैटरी को सुरक्षित रखा गया था। यहां भी कई सोलर लाइट निजी स्थानों पर लगी मिलीं। उस समय ग्राम पंचायत अधिकारी विनीत कुमार तैनात थे। डीपीआरओ ने दोनों सचिवों से जवाब मांगा है। इसके बाद उन्होंने ब्लाक हसेरन के बरियामऊ में 90 हजार से लगवाई गईं सोलर लाइट लगाने की जांच की।
डीपीआरओ ने बताया कि यहां उन्हें सब ठीक मिला। सोलर लाइट को सार्वजनिक स्थान समेत गोशाला में लगवाया गया था। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी कौशलेंद्र कुमार के काम की प्रशंसा की। जिला पंचायतराज अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि अन्य अफसर भी सोलर लाइट की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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उमर्दा ब्लाक की ग्राम पंचायत महतेपुर्वा में ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोलर व स्ट्रीट लाइट लगवाने में सरकारी विभाग को काम न देकर निजी कंपनी को ठेका दे दिया था। इसमें 10.67 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत आई थी। इसी तरह सौरिख ब्लाक की ग्राम पंचायत बटेला में ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश कुमार ने 15 लाख रुपये की गड़बड़ी की। दोनों सचिवों को निलंबित कर तालग्राम बीडीओ को जांच सौंपी गई है।
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