कन्नौज। पुलिस से मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद से भाजपा सांसद सुब्रत पाठक की ओर से पुलिस के खिलाफ लगातार आरोप का सिलसिला जारी है। उन्होंने रविवार को भी मीडिया के सामने आकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने की सूचना पर मंडी समिति पुलिस चौकी पहुंचने पर दारोगा हाकिम सिंह ने मेरा कॉलर पकड़कर अभद्रता की थी। पहचानने से इंकार किया था। इस पूरे मामले को लोकसभा में उठाने की भी बात कही है। मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत करने की बात कही। एसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सांसद सुब्रत पाठक ने रविवार को अपने कार्यालय पर मीडिया से रूबरू होकर कहा कि शुक्रवार की रात जानकारी मिली थी कि पार्टी के एक कार्यकर्ता को पुलिस ने उठाया है और उससे मारपीट रही है। उस मामले में पूछताछ के लिए मंडी पहुंचे थे। कहा कि उन्नाव के थाना औरास में करीब रात साढ़े आठ बजे एक मुकदमा लिखा गया। मुकमा लिखाने से पहले ही पुलिस कन्नौज पहुंच गई थी। कहा कि बगैर मुकदमा दर्ज किए दूसरे जनपद से आकर पुलिस ने किसी को उठाकर लाती है। उस जनपद के एसपी और इंस्पेक्टर को जानकारी तक नहीं होती है। चौकी इंचार्ज टीम से मिलीभगत करके वहां से जाने देता है। सांसद ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है, यह जांच का विषय है। कहा कि मुख्यमंत्री, डीजीपी व सभी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिख रहा हूं। आखिर जो मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ तो दूसरे जनपद में जाकर कैसे किसी को उठाया जा सकता है। इसलिए मामले का संज्ञान लिया जाए। बताया कि पार्टी कार्यकर्ता समुद्र श्रीवास्त का उस मुकदमा में नाम भी नहीं फिर भी पुलिस ने उसको उठा लिया और उसका उत्पीड़न किया गया। पूरे मामले में अब पुलिस लीपापोती करने में जुटी है।
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पुलिस पर कार्यकर्ताओं के अपमान का आरोप
सांसद ने एसपी कन्नौज पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसके लिए एसपी दोषी हैं। मंडी में महिला कार्यकर्ता व अनुसूचित समाज के कार्यकर्ता व अति पिछड़ा समाज के कार्यकर्ता का अपमान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस जवाब दे कि समुद्र श्रीवास्त का मुकदमा में नाम नहीं था तो उसको किस मुकदमा में उठाया गया। जो मुकदमा साढ़े आठ बजे लिखा गया उसके लिए उन्नाव पुलिस सात बजे यहां पहुंच गई थी। सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब में पूछा कि किस मुकदमा में पुलिस समुद्र को उठा ले गई तो पुलिसकर्मी मेरे साथ अभद्रता करने लगे। बोले कि एसपी को बताकर मंडी गया था तो एएसपी मौके पर पहुंच गए थे। जिसके बाद पुलिस ने रात को समुद्र श्रीवास्तव को छोड़ दिया था।
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मंडी में लगे कैमरे से जांच की मांग
सांसद ने कहा कि मंडी में जगह-जगह कैमरे लगे हैं। मांग की है कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच हो। जिससे हकीकत समाने आ सके। अपने दावे को दोहराया कि उन्होंने किसी तरह की मारपीट नहीं की है। जो कुछ भी हुआ है, वह सीसीटीवी कैमरा की मदद से सामने आ सकता है। उसकी जांच होनी चाहिए।