महोबा। जिला पंचायत कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया के दौरान दो ठेकेदारों ने कार्यालय पहुंच हंगामा किया। टेंडर पेटी में पानी डालने का प्रयास करने पर कर्मचारी ने रोका तो उसके साथ धक्का-मुक्की की गई। इतना ही नहीं ठेकेदारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए देख लेने की धमकी दी। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। जिला पंचायत अध्यक्ष की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसडीएम व सीओ ने जिला पंचायत अध्यक्ष के बयान दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश अनुरागी ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 28 जून को जिला पंचायत सभागार में तहबाजारी की टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। सभी आवेदनकर्ताओं के टेंडर पेटी में कागजात जमा कराए जा रहे थे। तभी शाम करीब पांच बजे महेश तिवारी व अंकित शुक्ला अपने साथियोंं के साथ आए और टेंडर पेटी में पानी डालने का प्रयास करने लगे। यह देख पास में खड़े कर्मचारी ने जब इसका विरोध किया तो उसके साथ धक्कामुक्की की गई और अभद्रता करने लगे। शोर-शराबा सुनकर जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी व जिला पंचायत सदस्य बैंदो मृत्युंजय सिंह मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी जातिसूचक शब्दों का प्रयास किया गया। पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने मामले की सूचना एसपी को देते हुए तहरीर दी।
रविवार की सुबह एसडीएम जितेंद्र कुमार और सीओ दीपक दुबे ने जिला पंचायत कार्यालय पहुंच अध्यक्ष समेत अन्य लोगोंं के बयान दर्ज किए। उधर, दूसरे पक्ष ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह का कहना है कि जिला पंचायत कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया के दौरान विवाद हुआ था। जिला पंचायत अध्यक्ष की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओंं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
20 घंटे बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
महोबा। भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी के साथ अभद्रता व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने मामले में पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई। पुलिस ने घटना के 20 घंटे बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की। जिला पंचायत अध्यक्ष भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली से खफा दिखे। उन्होंने कहा कि तहरीर देने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पहले रिपोर्ट दर्ज होना चाहिए थी। इसके बाद मामले की जांच और विवेचना की जानी चाहिए थी।