कन्नौज। सूबे में अनामिका प्रकरण खुलने के बाद एक ग्रामीण ने ब्लाक हसेरन के प्राथमिक विद्यालय तरींद में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक शत्रुघ्न सिंह उर्फ आशुतोष की जांच कराई। इससे फर्जीवाड़ा मिला। शैक्षिक अभिलेख और निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। तीन माह से वेतन रुका होने के बाद अब आरोपी शिक्षक से तैनाती से अब तक करीब 42 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। शिक्षक को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में शत्रुघ्न सिंह उर्फ आशुतोष की पहली नियुक्ति ब्लाक तालग्राम के प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर में 14 अक्तूबर, 2010 को हुई थी। 10 सितंबर 2012 में ब्लाक हसेरन के प्राथमिक विद्यालय ललियाभोज में तबादला कर दिया गया। यहां कुछ दिनों के बाद प्राथमिक विद्यालय तरींद का इंचार्ज प्रधानाध्यापक बना दिया गया। सूबे में अनामिका शुक्ला प्रकरण खुलने के बाद कई शिक्षक फर्जी मिले। इसके बाद ब्लाक तालग्राम के रूराखेड़ा निवासी महेंद्र सिंह ने शत्रुघ्न सिंह उर्फ आशुतोष की बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। इसमें बताया कि शत्रुघ्न सिंह का असली नाम आशुतोष है। वह दूसरे नाम से नौकरी कर रहे हैं। साथ ही फर्रुखाबाद के थाना मोहम्मदाबाद के ग्राम अलीदादपुर का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया है। बताया कि इस नाम का कोई व्यक्ति अलीदादपुर में नहीं रहता है। जांच की गई तो शत्रुघ्न नाम का कोई व्यक्ति नहीं निकला। साथ ही शैक्षिक अभिलेखों में भी गड़बड़ी मिली।
लेखाधिकारी ने बताया कि शिक्षक से 2010 से अब तक रिकवरी की जाएगी। बताया कि तैनाती के समय उनका वेतन 30 हजार के आसपास था। वर्तमान में 60,929 रुपये मिल रहे थे। तीन माह पहले शिकायत होने पर वेतन रोक दिया गया था।