गुरसहायगंज। गंगा में बेहोशी की हालत में बहती मिली बालिका की हालत में सुधार हो रहा है। बालिका का तिर्वा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। चर्चा है कि बालिका को जान से मारने के इरादे से गंगा नदी में फेंका गया था। क्या वजह है कि मां-मौसा और मौसी फरार है। अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गुरगुचपुर गांव स्थित घर में ताला लगा हुआ है।
कोतवाली क्षेत्र के चियासर घाट पर शनिवार को एक आठ वर्षीय बालिका गंगा नदी में बहती मिली थी। लोगों ने पानी में कूदकर उसको बाहर निकाला। जिससे उसकी जान बच गई। बालिका ने अपना नाम गुलनाज बताया था। उसने बताया था कि वह गुरगुचपुर गांव निवासी मौसा आरिफ के यहां अपनी मां के साथ आई हुई थी। रात में मौसा ने मारपीट के बाद उसे जान से मारने के इरादे से गंगा नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने बालिका को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। वहां उसकी हालत में काफी सुधार है। घटना को अंजाम देने के बाद मौसा आरिफ, मां गुलफशां व उसकी मौसी गायब है। गांव में उसके घर में ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
गुलफशां के दो बच्चे असीम(6) व कहकशां (3) भी लापता है। आखिर तीनों क्यों गायब हो गए पुलिस इस सवाल को सुलझाने में जुटी है। तीनों के एक साथ गायब होने पर अलग-अलग चर्चाएं है। नौरंगपुर चौकी प्रभारी हेमंत चौधरी ने बताया कि बालिका की हालत ठीक ना होने पर तिर्वा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां उसका उपचार चल रहा है। उसकी तबीयत में काफी सुधार हो रहा है। बताया कि बालिका के भाई बहन की तलाश की जा रही है। बताया कि घटना का मुकदमा जहानगंज थाने में दर्ज किया जाएगा।