कन्नौज। इत्र की खुशबू के लिए मशहूर कन्नौज नई पीढ़ी का खुशबूदार कॅरिअर संवारने की भी जिम्मेदारी निभा रहा है। यहां इत्र पर रिसर्च करने वाले एफएफडीसी में दिल्ली के लालबहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के कई छात्र करियर तराशने के लिए पहुंचे हैं। यह छात्र फूलों के खेत और कारखानों में जाकर खुशबू के कारोबार की बारीकियां सीखेंगे। गांव में जाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी करीब से देखेंगे।
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तैयार हो रही नई पीढ़ी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को करीब से देखने के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी के तहत दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के 47 छात्र यहां अपने करियर को संवारने के लिए पहुंचे हैं। प्रबंधन से जुड़े छात्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से रूबरू कराने की जिम्मेदारी यहां के एफएफडीसी को मिली है। खुशबू के लिए उगाए जाने वाले फूलों के खेतों के जायजा लेने के साथ ही फूल उत्पादकों से मिलकर खेती से जुड़ी जानकारी, खेती के तरीके, इससे होने वाले फायदे का करीब से देखेंगे। कारखाना में फूलों से इत्र बनाने का तरीका भी सीखेंगे। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में पशुपालन सहित रोजमर्रा के उपयोग से जुड़े कारोबार को भी देखेंगे। अगले एक सप्ताह तक उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर जनाकारी को सिलसिलेवार तरीके से बताया जाएगा। दिल्ली से मैनेजमेंट के 47 छात्रों का जत्था यहां रविवार को एफएफडीसी पहुंच चुका है।
-
कोरोना काल के बाद बढ़ने लगी एफएफडीसी की रौनक
शहर के एफएफडीसी में इत्र पर रिसर्च करने के साथ ही खुशबू के कारोबार में करियर बनाने की पढ़ाई भी होती है। इसके अलग-अलग कोर्स हैं, जिसमें हर साल देश के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में युवा यहां आते हैं। कोरोना काल से पहले तक बड़ी संख्या में विदेशों से भी लोग यहां आकर खुशबू के कारोबार की ट्रेनिंग लेते थे। कोरोना काल के बाद फिर से एफएफडीसी की रौनक बढ़ने लगी है। अलग-अलग संस्थाओं से लोग यहां आकर खुशबू के कारोबार से जुड़े कोर्स कर रहे हैं।
आज कलक्ट्रेट से शुरू होगी ट्रेनिंग
एफएफडीसी के निदेशक डॉ. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि दिल्ली से आए मैनेजमेंट के छात्रों का जत्था खुशबू के कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जानकारी जुटाने से पहले सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचेगा। कलक्ट्रेट में डीएम, सीडीओ, एडीएम की मौजूदगी में छात्रों को ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। सीनियर अफसर भी उनसे जरूरी जानकारी साझा करेंगे। उसके बाद अलग-अलग दिनों में अलग-अलग जानकारी मुहैया कराई जाएगी।