ग्रामीणों से वार्ता करते डाक्टर अभिषेक बाजपेई।
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विशुनगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरैया में विद्युतीकरण न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने बच्चों को पोलियो ड्राप नहीं पिलाने दी। चिकित्साधिकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। हालांकि डाक्टरों ने इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से भी वार्ता कर उन्हें सूचना दी, लेकिन कोई भी अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। शुक्रवार को ग्राम सरैया में स्वास्थ्य विभाग की टीम पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए पहुंची, तब वहां ग्रामीणों ने बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने से मना करते हुए अभियान का बहिष्कार कर दिया।
पोलियो टीम की एएनएम उर्मिला बाथम, आशा बहू शीला देवी व मीना कुमारी ने इसकी सूचना पर्यवेक्षक जगदीशचंद्र को दी। पर्यवेक्षक ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। जब वे नहीं माने तो उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.राहुल मिश्रा को मामले से अवगत कराया। चिकित्साधिकारी ने डा.अभिषेक बाजपेई को मौके पर भेजा। उन्होंने भी ग्रामीणों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण विद्युतीकरण होने तक पोलियो खुराक पिलाने पर राजी नहीं हुए।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक विद्युतीकरण नहीं हो जाता, तब तक वह बहिष्कार जारी रखेंगे। उधर, इस बारे में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाषचंद्र सचान का कहना है कि जिले में 1800 गांव का विद्युतीकरण होना था। लगभग 600 गांव अभी विद्युतीकरण से शेष रह गए हैं। ग्राम सरैया में जो ठेकेदार विद्युतीकरण का कार्य करवा रहा था। उसने कई माह पहले काम बंद कर दिया है। काफी प्रयासों के बाद भी उसने अभी तक काम शुरू नहीं कराया है। शासन ने दूसरी कंपनी को काम दिया है। उस कंपनी का सर्वे चल रहा है। उसके द्वारा काम शुरू होते ही इस गांव में भी विद्युतीकरण का कार्य पूरा करा दिया जाएगा।