फोटो-02- ओपीडी में कान के मरीजों को देखी डॉ. मोनिका सचान। संवाद
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कन्नौज। सर्द मौसम की आहट के साथ तापमान का भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में मौसम संबंधी बीमारियां लोगों को जकड़ रहीं हैं। वायरल बुखार और जुखाम से गले-कान में इंफेक्शन के मरीज बढ़ रहे हैं। साथ ही मरीजों में प्लेटलेट्स भी कम हो रहीं हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को मरीजों की अधिक भीड़ रहीं। सुबह से दोपहर तक 520 मरीजों ने पहुंचकर पंजीकरण करया। ओपीडी में पंजीकरण की एक ही खिड़की होने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की ओपीडी में वैसे कुछ ही मरीज ईएनटी विभाग में पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों रोजाना 50 से अधिक लोग गले और कान समस्या से परेशान होकर पहुंच रहे है।
ईएनटी सर्जन डॉ. मोनिका सचान बताती हैं कि सर्द मौसम में अक्सर लोगों को जुखाम होता है। इससे गलेे और कान में इंफेक्शन होने लगा है। गले में इंफेक्शन के मुख्य लक्षण जुखाम, बुखार और सिरदर्द है। फंगल इंफेक्शन से कानों में खुजली होती है। ऐसा होने पर अधिकांश लोग माचिस की तिल्ली या अन्य किसी चीज से कान को खुजाते हैं। इससे संक्रमण बढ़ जाता है। शरीर में किसी के भी प्रकार के लक्षण डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लेें।
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सावधानी न बरतने से बढ़ रहा वायरल
जिला अस्पताल के डॉ. रवीन्द्र साहू बताते हैं कि जब भी मौसम में बदलाव आता है तो वायरल फीवर के मरीज बढ़ने लगते है। लोगों के सावधानी न बरतने से भी वायरल बढ़ने लगता है। इस समय लोगों को खांसने व छींकने पर बेहद सावधानी बरतने जरूरत है।