तिर्वा। क्षेत्र के एचआईवी पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए कानपुर या अन्य जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एचआईवी पीड़ितों के इलाज की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके तहत कॉलेज में एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) केंद्र की स्थापना की जा रही है।
केंद्र के संचालन से पहले नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) की टीम मंगलवार को कॉलेज का भौतिक निरीक्षण करेगी। नाको टीम की ओर से प्रस्तावित निरीक्षण केंद्र पर इलाज की संभावनाओं, संसाधनों की उपलब्धता और सुविधाओं की गुणवत्ता का आंकलन करेगी। टीम यह भी देखेगी कि यहां एचआईवी पीड़ितों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल, परामर्श और उपचार सेवाएं मिल सकेंगी या नहीं।
प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एआरटी केंद्र के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नाको टीम के निरीक्षण के बाद अंतिम स्वीकृति मिलते ही उपचार शुरू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र व आसपास के जिलों के एचआईवी पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक पीड़िताें को नियमित जांच, दवाई और परामर्श के लिए कानपुर व अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे समय और धन की भी बर्बादी होती थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू हो जाने से न केवल पीड़ितों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिलेगा, बल्कि समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति में सुधार भी होगा।