सड़कों पर दोपहिया वाहनों से सफर शुरू करने से पहले
हेलमेट लगाने के लिए अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान
मंगलवार को एक कदम और आगे बढ़ा। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने पुलिस
कल्याण पखवाड़ा के तहत हेलमेट जागरूकता को वरीयता दी।
इसके तहत उन्होंने
तिर्वा क्रासिंग पर पुलिस महकमे के दरोगा और सिपाहियों को हेलमेट हर हाल
में पहनने के लिए प्रेरित किया और संकल्प दिलाया गया कि वाहन चलाने से पहले
हेलमेट अवश्य लगाएंगे, ताकि सफर सुरक्षित हो सके। दोपहर दो बजे एसपी जीटी
रोड तिर्वा क्रासिंग स्थित ट्रैफिक बूथ के निकट पहुंचे।
यहां उन्होंने
मौजूद महिला और पुरुष पुलिस जवानों को हेलमेट का महत्व गिनाया और बताया कि
दुर्घटना के वक्त यदि हेलमेट लगा होता है तो सिर में चोट नहीं लगती है।
इससे चालक की जान जाने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। आंकड़े बताते हैं
कि दोपहिया वाहन सवारों की दुर्घटना के दौरान अधिकतर मौतें सिर में हेलमेट
न लगाने के कारण होती हैं। सिर में चोट लग जाने से ब्रेन हैमरेज की
संभावना बढ़ जाती है जो जानलेवा साबित होती है।
कहा कि पुलिस महकमा इस
दिशा में पब्लिक को जागरूक करने के साथ ही खुद भी जागरूक हो। इसके बाद
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान दरोगा रवींद्र नाथ यादव, दरोगा राघवन सिंह
समेत डेढ़ दर्जन से अधिक सिपाहियों को हेलमेट प्रदान किया। आधा दर्जन
वर्दीधारियों को एसपी ने खुद अपने हाथों से हेलमेट पहनाए।
इसी तरह पुलिस
क्षेत्राधिकारी सदर करन सिंह ने भी हेलमेट पहनने के लिए जनजागरूकता को
बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनने से दोपहिया वाहन चलाने में
सहायता मिलती है। कहा कि धूल, धुआं, सर्द हवाओं एवं तेज धूप से भी बचाव
होता है। कहा कि दुर्घटना के दौरान तो यह जीवन रक्षक की भूमिका निभाता है।
सीओ ने भी कई लोगों को खुद अपने हाथ से हेलमेट पहनाकर जागरूक किया। यातायात
निरीक्षक विनोद यादव ने भी हेलमेट पहनाकर सिपाहियों को जागरूक किया। एसपी
ने बताया कि पुलिस जवानों के लिए 200 हेलमेट मंगाए गए हैं। कन्नौज के साथ
ही अन्य क्षेत्रों में तैनात पुलिस जवानों को भी मुफ्त में यह हेलमेट
प्रदान करेंगे।
इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को वाहन चेकिंग के दौरान हेलमेट
पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि हेलमेट पहनना लोगों की आदत बन
जाए। जब पुलिसकर्मी खुद हेलमेट पहनना शुरू कर देंगे, तो पब्लिक भी उन्हें
देखकर हेलमेट का प्रयोग करने लगेगी।